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पंचकल्याणक के लिए संतों का मंगल प्रवेश : सत्कार्य और परमात्मा का करें चिंतन – मुनि शुभम सागर जी 


नगर के जूना मंदिर पार्श्वनाथ का तीन दिवसीय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव और विश्व शांति महायज्ञ 21 जून से प्रारंभ होगा। इससे पहले सोमवार को नगर में संतों का मंगल प्रवेश हुआ, जिनकी अगवानी जैन समाजजनों ने की। इस अवसर पर धर्मसभा भी हुई। पढ़िए यह विस्तृत रिपोर्ट…


कुशलगढ़। नगर के जूना मंदिर पार्श्वनाथ का तीन दिवसीय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव और विश्व शांति महायज्ञ 21 जून से प्रारंभ होगा। इससे पहले सोमवार को नगर में संतों का मंगल प्रवेश हुआ, जिनकी अगवानी जैन समाजजनों ने की। समाज के अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ व मंत्री हंसमुखलाल सेठ ने बताया कि सुबह मुनि शुभम सागर महाराज व मुनि सक्षम सागर महाराज का वागोल से कुशलगढ़ में मंगल प्रवेश हुआ। मंदिर के मूल नामक पार्श्वनाथ प्रतिमा के साथ भगवान महावीर स्वामी की खड़गासन प्रतिमा विराजमान करने का भाव प्रवीण कुमार दोसी परिवार द्वारा भेंट की जा रही है।

ध्वजादंड की बोली मुकेश कुमार गांधी, वीणा गांधी, मेहुल गांधी परिवार ने भेंट किया। दोशी परिवार ने महावीर स्वामी की प्रतिमा दिगंबर जैन समस्त पंच दशाहुमड़ बीसपंथी समाज को भेंट की। प्रतीव कुमार दोशी, नितिन दोशी, विवेक दोशी, हीना, मेघा, याना, पिंटू, वत्सल व रीत आदि पंच महानुभावों का स्वागत सम्मान किया। सभी प्रतिमाओं को रथ में विराजित कर बनारस नगरी नवकार गार्डन कुशलगढ़ ले गए।

जूना मंदिर परिसर में मुनि शुभम सागरजी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मा शाश्वत है, शरीर क्षणभंगुर है। इसके प्रति मोह उचित नहीं है। अपनी निज आत्मा पर ध्यान देकर हमेशा सत्कार्य, परमात्मा का चिंतन करने रहना चाहिए ताकि हम भी उनकी तरह एक दिन सद्गति अर्थात मोक्ष को प्राप्त करें।

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