वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू रिपोर्ट…
अशोकनगर। वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। ऐसे जैसे उन्हीं के बेटे ने संन्यास ले लिया हो। यह दृश्य उस समय बना जब पुराना बाजार अशोकनगर निवासी हाईकोर्ट एडवोकेट राजीव जैन ( एडवोकेट स्व. शान्ति लाल जैन) अपने बड़े पुत्र इंजी. अमित जैन को मुनिश्री संघ को समर्पित कर रहे थे। उस समय वह बहुत भावुक हो गए थे। क्योंकि कलेजे का टुकड़ा जिसने हाई एजुकेशन प्राप्त की। वह अब संन्यासी बन जाएगा। यह देखकर उपस्थित जनसमुदाय भी भावुक हो गया।
अमित जैन ने जीएसआईटीएस कालेज इंदौर से एमटैक किया और उन्हें दिल्ली सहित 5 कंपनियों ने एक साथ जॉब के लिये आफर दिया। अमित दिल्ली की कंपनी का ऑफर लेटर लेकर आचार्यश्री के पास डोंगरगढ़ पहुंचे और आचार्यश्री से आदेश मांगा। बताओ गुरुजी क्या करूं, गुरुजी ने पूछा तुम क्या चाहते हो, अमित ने कहा कि वह भव भ्रमण रोकना चाहते हैं। यह सुनकर गुरुजी ने संघ में प्रवेश का आशीर्वाद दिया यह सुनकर उपस्थित जनसमूह आनंदित हुआ और जय घोष किया नमोस्तु शासन जयवंत हो।













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