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दुनिया में कोई दुख नहीं होता तो भक्त व भगवान नहीं होते: मुनिपुंगव श्री सुधासागर महाराज ने दिए प्रवचन 


दुनिया में यदि दुःख नही होता तो भक्त और भगवान नही होते। तुम्हारी जिंदगी में दुःख है इसलिए तुम्हारी जिंदगी में मां-बाप है। जहां-जहां मां शब्द लगा हुआ है। उसका कोई भी सिद्धांत व्यर्थ नही होता। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…


निवाड़ी। आचार्य भगवन श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर महाराज ससंघ की मंगल अगवानी निवाड़ी जिले में हुई। उन्होंने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि दुनिया में यदि दुःख नही होता तो भक्त और भगवान नही होते। तुम्हारी जिंदगी में दुःख है इसलिए तुम्हारी जिंदगी में मां-बाप है। जहां-जहां मां शब्द लगा हुआ है। उसका कोई भी सिद्धांत व्यर्थ नही होता। उसका कोई भी शब्द व्यर्थ नहीं जाता। कैकयी यदि राम को वनवास नही भेजती तो राम सिर्फ अयोध्या के राजा बनकर रह जाते। सारी दुनिया की नजरों में कैकयी छली थी, कपटी थी, लेकिन श्रीराम ने कभी भी कैकयी की बुराई नहीं की। क्योकि श्रीराम की नजरों में कैकयी मां थीं। कभी गुरु के मुख से सत्य के प्रतिकूल निकल गया, लेकिन तुम उसे अन्तस् से स्वीकार कर शिरोधार्य करो तो इसी का नाम है शिष्य का सच्चा समर्पण। कभी तुम पिताजी के पास आशीर्वाद लेने जाओ और पिताजी तुम्हें डांट दे या थप्पड़ मार दे तब तुम्हारे अन्तस् में भावना आए कि जरूर मेरा काम थप्पड़ से सफल होने वाला था तो समझना इसी का नाम है पिता का सच्चा बेटा।

गुरुदेव का आज का मंगल पड़गाहन अनिल, नीलांजना जैन निवाड़ी विधायक परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ।

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