यशोदय तीर्थ में मुनिश्री सुधासागर महाराज के दिशा-निर्देश में नंद्यावर्त की स्थापना की गई, जिसमें 1008 कलशों में सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखरजी की पावन मिट्टी एवं यशोदय तीर्थ की मिट्टी भरकर मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान के साथ स्थापना की। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। आध्यात्म जगत के सूर्य कहे जाने वाले आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के परमप्रभावक शिष्य जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर के पावन सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का आयोजन यशोदय तीर्थ पर चल रहा है। मुनिश्री के सानिध्य में भक्तजन हर्षित होकर भावविभोर हो रहे हैं। प्रातःकालीन बेला में मंगलाष्टक, जिन अभिषेक शांतिधारा हुई। मुनिश्री सुधासागर महाराज के दिशा-निर्देश में नंद्यावर्त की स्थापना की गई, जिसमें 1008 कलशों में सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखरजी की पावन मिट्टी एवं यशोदय तीर्थ की मिट्टी भरकर मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान के साथ स्थापना की।

सौधर्म इंद्र सभा का आयोजन
शनिवार की रात्रि में आरती उपरांत सौधर्म इंद्र सभा का आयोजन किया गया। गर्भकल्याणक के पूर्व दिन होने वाली क्रियाओं के अंतर्गत सौधर्मेंद्र की इंद्रसभा लगाई गई। आसान कंपायमान, नगरी की रचना, माता पिता की स्थापना, अष्ट देवियों द्वारा माता की परिचर्या और सोलह स्वप्न दर्शन का प्रदर्शन देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। गर्भ कल्याणक के आंतरिक संस्कार भी संपादित हुए। संपूर्ण विधि विधान प्रतिष्ठाचार्य ब्र. प्रदीप भैया सुयश के निर्देशन में संपन्न हुए। मुनिश्री सुधासागर महाराज के दिशा-निर्देश में नंद्यावर्त में तंत्र रखने का सौभाग्य संतोष सराफ इंदौर और कुशल चंद एडवोकेट को प्राप्त हुआ। वहीं मुख्य पंच कलश स्थापित करने का सौभाग्य शांति बुआ, अजितखजांची,रतनचंद डोगरया , अभिनंदन अंकित चौधरी एवं चक्रेश प्रमोद चौधरी को प्राप्त हुआ।

प्रभु की ऊर्जा हर समय अलग
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि प्रभु की ऊर्जा हर समय अलग होती है। जब दर्शन करते हैं तो अलग होती है। जब प्रभु का हम अभिषेक करते हैं, स्पर्श करते हैं तो अलग ऊर्जा रहती है। जिस प्रकार हमारे शरीर के अलग-अलग अंग में अलग-अलग ऊर्जा रहती है। जब भी गुरु हमको आशीर्वाद देते है तो दाहिने हस्त से देते हैं। कभी देखा किसी ने की कि गुरु ने चरण से आशीर्वाद दिया हो। इसी प्रकार यशोदय तीर्थ क्षेत्र पर भी अनंतानंत ऊर्जा का भंडार है। जो इसका जैसा लाभ लेगा, उतना ही भक्त ऊपर बढ़ता जाएगा। प्रभु की ऊर्जा सुबह अलग, शाम अलग, रात्रि अलग होती है।इसीलिए प्रभु की भक्ति हर समय करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में संगीतकार नीलेश जैन एंड पार्टी ने अपने सुमधुर भजनों से सबका मन मोह लिया। आज का सुधासागर महाराज के आहारदान का सौभाग्य अभिनंदन अंकित चौधरी, राकेश सर्राफ एवं क्षुल्लक गंभीरसागर जी को आहार कराने का सौभाग्य प्रभात मोदी परिवार को मिला। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार आमोद चौधरी ने व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी गौरव कठरया ने बताया कि भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर सोमवार को भव्य जन्मकल्याणक शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है।













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