यशोदय तीर्थ पर आयोजित होने वाले श्री पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान की तैयारी शुरू हो गयी है और 3 अप्रैल को भगवान महावीर जयंती पर भगवान का जन्मकल्याणक शोभायात्रा बड़ी धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। मुनिश्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को भी संबोधित किया।पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। यशोदय तीर्थ मुनिश्री सुधासागर जी महाराज की धर्मप्रभावना में भक्ति रस में डूबा नजर आ रहा है। तीर्थ क्षेत्र पर बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंच कर धर्मलाभ ले रहे हैं। प्रातःकालीन बेला में मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में जिन- अभिषेक पूजन किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि नाम की पूजा नहीं होती, आचरण पूजा जाता है। प्रभु अभिषेक कोई साधारण क्रिया नहीं है।
यह तो भक्तों के लिए वरदान है। साधु तो जगतकल्याण के लिए है, साधु निस्वार्थ होते हैं। वे किसी के अहित के बारे में सोचते भी नहीं है। जो अपने माता-पिता की इच्छा पूर्ति करता है, वही श्रीराम है। श्रीराम ने भी अपनी मां की इच्छा को चुना और वनवासी हो गये। जो गुरु की इच्छा की पूर्ति करें, वे श्रावक धन्य हैं। जो बेटा अपने मां बाप पर दबाव डालता है, वह दुर्योधन है। जो मां बाप की इच्छा है, वही मेरी सम्पत्ति है। यही बच्चा श्रीराम के आचरण पर चलने वाला है। माता-पिता का सम्मान करो तो जीवन में कभी कोई संकट नहीं आएगा।

महोत्सव और विधान की तैयारी शुरू
यशोदय तीर्थ पर आयोजित होने वाले श्री पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान की तैयारी शुरू हो गयी है और 3 अप्रैल को भगवान महावीर जयंती पर भगवान का जन्मकल्याणक शोभायात्रा बड़ी धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य सुभाष साढूमर और क्षुल्लक गम्भीर सागर को आहार देने का सौभाग्य प्रमोद बिलौआ एवं गुलाब भायजी को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम संचालन नितिन शास्त्री ने किया और आभार मुकेश सराफ ने व्यक्त किया। रविवार को मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में भगवान अजितनाथ मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ा मंदिर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।













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