सकल दिगंबर जैन समाज, पिड़ावा ने समाज सुधार के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसमें शादी समारोह में दो ही स्वागत किए जाएंगे। इसके साथ ही आतिशबाजी और फूलमाला का प्रयोग पूरी तरह से बंद रहेगा। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
पिड़ावा। सकल दिगंबर जैन समाज, पिड़ावा ने समाज सुधार के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसमें शादी समारोह में दो ही स्वागत किए जाएंगे। इसके साथ ही आतिशबाजी और फूलमाला का प्रयोग पूरी तरह से बंद रहेगा। समाज ने फैसला लिया है कि परोसगारी जूते-चप्पल पहन कर नहीं की जाएगी और प्री वेडिंग शूट पर पूर्णतया प्रतिबन्ध रहेगा। इसके साथ ही महिला संगीत में कोरियो ग्राफर नहीं बुलाया जाएगा। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष अनिल चेलावत, श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिरजी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह जैन, मुमुझू मंडल के अध्यक्ष अमोलकचंद जैन, श्रीभक्तामर विश्वधाम डोला के अध्यक्ष प्रकाश जैन, श्री पुष्पदंत दिगंबर जैन लाल मंदिर जी के अध्यक्ष मनसुख जैन, दिगंबर जैन मंदिरजी के अध्यक्ष प्रमोद जैन, दिगंबर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी के अध्यक्ष राजेंद्र जैन ने बताया कि अब मंदिरजी का बुलावा के अतिरिक्त सभी बुलावा पर प्रतिबन्ध है, पताशे या नारियल बांंट सकते हैं। समाज के अनुसार अब समाज के भोजन में अधिक व्यंजन बनाने के नाम पर अभक्ष्य नहीं परोसा जाएगा, जो धर्म के अनुरूप ना हो। जैसे- द्विदल, दही बड़ा, सब्जी में मावा, नूडल्स, चाऊमीन, पनीर, मटर पनीर, टमेटो सॉस एवं जमीकन्द पदार्थ आदि।
इसके अलावा समाज का भोजन सुबह का ही रहे तो बहुत अच्छा है, विशेष परिस्थिति में शाम को रख सकते हैं। शाम के भोजन में व्यवहारी का भोजन पृथक से रखना होगा। समाज ने फैसला लिया है कि होली और दशहरा हमारे पर्व नहीं है, इनसे जितना बचें अच्छा है। अब से सभी बहनें अपने वस्त्रों का चयन अपनी संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप करेंगी। बेचलर पार्टियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। डी.जे. पर पहले की तरह प्रतिबन्ध है, साथ ही महिलाओं का अपने घर के सामने के अतिरिक्त सड़को पर नाचने पर प्रतिबन्ध है तथा शादीयों में अधिकतम 4 ढोल ही करेंगे।
निर्णय का स्वागत
इंदौर के दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद और दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।













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