स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने बड़े जैन मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज की पीढ़ी को, आज के बच्चों को हमनें अपने धर्म या संस्कारों की शिक्षा नहीं दी तो आज से 40-50 वर्षो बाद आपके इन मंदिरों में जाने बाला या पूजा पाठ करने बाला कोई नहीं होगा। पढ़िए मनोज नायक की विशेष रिपोर्ट…
मुरैना। ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन अंधकारमय है। यदि व्यक्ति विवेकवान है तो वह जीवन में निरन्तर उन्नति करता है और यदि वह विवेकहीन है तो वह उन्नति के शिखर से कोसों दूर रहता है। इसीलिए किसी ने ठीक ही कहा है कि ज्ञान बिना सब सून। यानी ज्ञान के बिना सब सूना है, सब बेकार है। वर्तमान में हम देवी-देवताओं के मंदिरों का निरन्तर निर्माण करते जा रहे हैं लेकिन ज्ञान के मंदिरों को भूलते जा रहे हैं। जबकि होना यह चाहिए कि यदि हम एक मन्दिर का निर्माण करते हैं तो उसके साथ ही हमें एक ज्ञान के मन्दिर यानी कि एक स्कूल का भी निर्माण करना चाहिए।
ये विचार स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने बड़े जैन मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम में धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि स्कूल यानी कि शिक्षा का मंदिर, जहां बच्चों को लौकिक शिक्षा के साथ-साथ धर्म और संस्कारों की भी शिक्षा दी जाए। यदि आज की पीढ़ी को, आज के बच्चों को हमनें अपने धर्म या संस्कारों की शिक्षा नहीं दी तो आज से 40-50 वर्षो बाद आपके इन मंदिरों में जाने बाला या पूजा पाठ करने बाला कोई नहीं होगा। वर्तमान में धर्म के साथ साथ शिक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। जिससे आने वाली पीढ़ी ज्ञानवान बन सके ।

वेदी प्रतिष्ठा समारोह
मुरैना नगर में विराजमान गणिनी आर्यिका श्री लक्ष्मीभूषण, श्री स्वस्तिभूषण, श्री अंतसमति माताजी के पावन सान्निध्य में बड़ा जैन मंदिर में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा एवं शिखर कलशारोहण समारोह चल रहा है। समारोह के प्रथम दिन प्रातःकालीन बेला में श्री जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन के पश्चात याग मंडल विधान किया गया। रविवार को नवनिर्मित वेदियों पर जिनेन्द्र देव की मूर्तियों को विराजमान किया जाएगा। तत्पश्चात नवनिर्मित शिखरों पर कलश स्थापित किए जाएंगे।
होगी प्रतियोगिता
रविवार को दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता रखी गई है, जिसमें जैन समाज का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। इससे पहले ग्रेटर ग्वालियर से आये हुए गुरुमां के भक्तों ने ग्वालियर नगरागमन हेतु श्रीफल भेंट किया। श्रीफल भेंट करते समय बालचन्द जैन, गौतम गोधा, मयंक पांड्या, विनय कासलीवाल, रतन अजमेरा, कमलेश बिलाला, सौरभ चांदबाड, सौरभ जैन एडवोकेट, अनुराग जैन, चक्रेश जैन, मुरार जैन समाज के अध्यक्ष महावीर प्रसाद जैन, दिनेशचन्द्र जैन ऐसा वाले, मूलचंद ठेकेदार, योगेश जैन खोआ वाले, महेंद्र जैन दुहिया वाले सहित सैकड़ों की संख्या में गुरुमां के भक्त उपस्थित थे। भक्तों की भावना को दृष्टिगत रखते हुए पूज्य गुरुमां श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने ग्वालियर की स्वीकृति प्रदान की।
माताजी करेंगी विहार
स्वस्तिधाम प्रणेत्री, विदुषी लेखिका पूज्य गुरुमां गणिनी आर्यिका ससंघ 15 मार्च को प्रातः 7 बजे मुरैना से मुरार (ग्वालियर) के लिए विहार करेंगी।













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