समाचार

महोत्सव : बाहुबली भगवान को निर्माण लड्डू चढ़ाकर मोक्ष कल्याणक मनाया


भगवान बाहुबली ने इंसान के आध्यात्मिक उत्थान और मानसिक शांति के लिए चार बातें बताई थीं। अहिंसा से सुख, त्याग से शांति, मैत्री से प्रगति और ध्यान से सिद्धि मिलती है। पढ़िये सन्मति जैन काका की रिपोर्ट…


सनावद। नगर के गौरव परम पूज्य वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद से 20 वर्ष पूर्व स्थापित हुए दि. जैन श्री क्षैत्र सिद्धाचल पोदनपुरम में भगवान बाहुबली का प्रतिष्ठापना महोत्सव एवम भगवान बाहुबली को निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। सन्मति जैन काका ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत सुबह सर्वप्रथम भगवान बाहुबली का पंचामृत चरणाभिषेक और भगवान बाहुबली का महापूजन किया गया, जिसके अंतर्गत शान्ति धारा करने का सौभाग्य मिथुन जी जैन एनएचडीसी को प्राप्त हुआ। वहीं भगवान को मुख्य निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य उदयचंदजी जैन मास्टर साहब के परिवार को प्राप्त हुआ।

प्रशांत चौधरी ने बताया कि ऋषभदेव के दो पुत्र भरत और बाहुबली थे। भगवान बाहुबली को विष्णु का अवतार माना जाता है। वह अयोध्या के राजा थे और उनकी दो रानियां थी। एक रानी से 99 पुत्र और एक पुत्री तथा दूसरी से गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली तथा एक पुत्री सुंदरी थी। बाहुबली का अपने ही भाई भरत से उनके शासन, सत्ता के लोभ तथा चक्रवर्ती बनने की इच्छा के कारण दृष्टि युद्ध, जल युद्ध और मल्ल युद्ध हुआ था। इसमें बाहुबली विजयी रहे, लेकिन उनका मन ग्लानि से भर गया और उन्होंने सब कुछ त्यागकर तप करने का निर्णय लिया। अत्यंत कठिन तपस्या के बाद वह मोक्षगामी बने। जैन धर्म में भगवान बाहुबली को पहला मोक्षगामी माना जाता है। भगवान बाहुबली ने इंसान के आध्यात्मिक उत्थान और मानसिक शांति के लिए चार बातें बताई थीं। अहिंसा से सुख, त्याग से शांति, मैत्री से प्रगति और ध्यान से सिद्धि मिलती है।

वारिश जैन रक्षित जैन ने बताया कि सिद्धाचल पोदनपुरम की स्थापना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आज से 20 वर्ष पूर्व भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा करवा कर की गई थी । संजय जैन, संदीप जैन, शलेन्द्र जैन ने बताया कि बाहुबली भगवान का शास्त्रों में निर्वाण तिथि का कोई भी उल्लेख नहीं है। इसलिए पूरे देश में सिर्फ सिद्धाचल पोदनपुरम में प्रतिष्ठापना दिवस के दिन ही बाहुबली भगवान को यहां निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाता है।
इस अवसर पर मनोज जैन, कुसुम काका, महेंद्र मुंसी, रिंकेश जैन, कमल केके, रजत जैन, सोनू जैन, हेमंत काका, राजेश जैन, इंदर चंद सराफ, सुनील पावणा, संजय चौधरी, सुभाष जैन, सुधीर जैन, पूर्णिमा जैन, नेहा जैन, मंजू पाटनी, सरोज जैन, पुष्पा जैन, किरण लश्करे, सुमन बहनजी सहित मंडलेश्वर, बडवाह, इंदौर से सभी समाजजन उपस्थित थे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page