सम्मेद शिखरजी पर समाज की भावनाओं को फिर कुरेदा जा रहा है । झारखंड में मयूरभंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद ने हाशिए पर आ चुकी अपनी राजनीति को चमकाने के लिये सम्मेद शिखरजी पर विवादास्पद बोल कहे हैं । इसे लेकर जैन समाज आंदोलित है। पढ़िए विस्तार से हमारे सहयोगी राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट …
मयूरभंज के पूर्व सांसद सालखान मुर्मू ने अपनी बिखरी राजनीति को फिर संवारने के लिए हमारे पवित्र स्थान सम्मेद शिखरजी को लेकर अनर्गल बयान दिए हैं। पूर्व सांसद मूर्मु ने 9 फरवरी 2023 को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी ‘पारसनाथ पर्वतराज’ पर बने प्राचीन जैन तीर्थंकरों की मोक्षस्थल पवित्र टोंको,मंदिरों को तोड़ने की धमकी दी है। आदिवासी समाज के आम लोग सम्मेद शिखरजी पर जैन परिवारों के साथ खड़े हैं लेकिन आदिवासी नेताओं ने अपनी आपसी प्रतिद्वंद्धिता के लिए हमारे पवित्र स्थान पर फिर उकसाने वाली टिप्पणी करने से बाज नहीं आ रहे हैं ।
सम्मेद शिखर जी के मंदिरों की तुलना बाबरी मस्जिद से करके पूर्व सांसद ने, न केवल अपनी गरिमा गिराई है बल्कि जैन समाज के शांत चित्त को फिर उद्वेलित करने की कोशिश की है। सकल जैन समाज में एक बार फिर उत्तेजना है वो चाहते हैं कि केन्द्र और झारखंड सरकार, उकसाने वाले इस पूर्व सांसद को अपनी सख्त कार्रवाई की जद में लाएं।
दिगम्बर जैन समाज के सामाजिक सांसद के युवा प्रकोष्ठ ने इस मामले में सरकार से पूर्व सांसद पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगा कर गिरफ्तारी की मांग रखी है। प्रकोष्ठ ने जैन समाज के लोगों से आह्वान किया है कि वो अपने-अपने क्षेत्रों में पूर्व सांसद सलखान मुर्मू के ख़िलाफ़ थानों में शिकायतें दर्ज कर अपनी ताक़त का अहसास करवाएं और अधिकारियों को विरोध स्वरूप ज्ञापन दें ।













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