समाचार

राजस्थान विधानसभा में श्रमण संस्कृति की आवाज़ विधायक मेवाराम जैन ने सरकार से मांगा श्रमण बोर्ड


सारांश

 राजस्थान से हमेशा जैन परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन होता रहा है। लेकिन जैन समाज की समस्याओं और परेशानियों के लिए सरकारें उस रूप में ध्यान नहीं देती । बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने राजस्थान विधानसभा में आवाज़ उठाई है। पढ़िए विस्तार से …


राजस्थान विधानसभा में विधायक मेवाराम जैन ने जैन समुदाय की समस्याओं को उठाया । विधानसभा में विधायक ने कहा कि राजस्थान जैन संस्कृति का गढ़ है । लेकिन यहां जैन संपत्ति संरक्षण जैसी कई समस्याएं भी हैं । जैन ने कहा कि राजस्थान में जैन संस्कृति,संपत्ति, अतिशय क्षेत्र, मंदिर, नसिया, जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में श्रमण संस्कृति बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए ।

जानिए विधायक मेवाराम जी जैन का व्यक्तित्व

मेवाराम जैन वर्तमान में राजस्थान के मरूस्थलीय इलाक़े बाड़मेर से विधायक हैं। 69 साल के मेवाराम जैन का जन्म 7 जून 1956 को बालेवा में हुआ था। वे तीसरी बार विधायक बने हैं । 2008 में वे पहली बार विधानसभा पहुँचे थे । उनके पिता का नाम चिंतामनदास जैन है और माता का नाम श्रीमती धाई देवी है। मेवाराम जैन को राजस्थान विधानसभा और अपने क्षेत्र में स्पष्टवादिता के लिए जाना जाता है । वे अक्सर जैन समाज की समस्याओं को सरकारों के सामने उठाते आए हैं ।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
7
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page