
दिल्ली . समीर जैन | अवसर था तिजारा में आचार्य 108 अतिवीर मुनिराज के सानिध्य में पहली बार आयोजित भगवान पार्श्वनाथ व चन्द्रप्रभ के जन्म-तप कल्याणक महोत्सव का । सुबह भक्तों ने देहरा मंदिर व चंद्रगिरि वाटिका में विराजमान भगवान की मूर्तियों का अभिषेक कर पुण्यार्जन किया और सामूहिक पूजा में हिस्सा लिया ।
सायं काल में जैन युवा मण्डल व महिला मंडल के अथक प्रयासों से क्षेत्र में प्रथम बार दीपोत्सव का ऐतिहासिक आयोजन देहरा मन्दिर परिसर में किया गया । समस्त परिसर में आकर्षक रंगोली व दीपकों से विभिन्न कलाकृतियां बनायीं गयी जिन्हे देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए ।

21,000 दीपकों की झिलमिल रौशनी से पूरा मन्दिर अत्यंत रमणीय व मनमोहक लग रहा था । इस अवसर पर भक्तों ने सुमधुर भजनों के माध्यम से प्रभु की भक्ति सरोवर में खूब गोते लगाए ।
कार्यक्रम के अंत में देहरे वाले बाबा की 1008 दीपकों से महा-आरती की गयी ।

इस अवसर पर तिजारा व निकटवर्ती नगरों से भारी संख्या में जनसमुदाय ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा मन्दिर की आकर्षक सज्जा का भरपूर का आनंद लिया । उल्लेखनीय है कि पूज्य आचार्य श्री के पावन सान्निध्य में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर भजन संध्या का भव्य आयोजन दिनांक 31 दिसम्बर 2022 को अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में किया जा रहा है । 1 जनवरी 2023 को महामस्तकाभिषेक संपन्न होगा ।













