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आत्मनिर्भर जैन योजना से मिलेगा कमजोर जैन वर्ग को संबल

इंदौर (संजीव जैन संजीवनी)। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा जैन समाज के भाई व बहनों के आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। महासभा द्वारा अनेकानेक समाज कल्याण के कार्यक्रम, समाज के सहयोग से निरंतर किए जाते रहे हैं। इसी संदर्भ में महासभा द्वारा एक नई पहल करते हुए जैन समाज के सधर्मी भाई व बहनों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए “आत्मनिर्भर जैन” योजना प्रारंभ की जा रही है।

योजना का उददेश्य आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर जैन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मजबूत बनाना है। आत्मनिर्भर जैन” योजना के बारे महासभा के इंदौर प्रतिनिधि टी के वैद एवं संजीव जैन संजीवनी ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में 20,000 रुपए (बीस हजार रुपये) का ऋण कुटीर / लघु उद्योग/ स्वाबलम्बन उद्योग शुरू करने के लिए महासभा की ओर से सुलभ कराया जाएगा। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की विधवा विकलांग, हिंसा से पीडि़त महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। एक वर्ष तक इस राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।

आर्थिक स्थिति में सुधार होने पर मूल धन महासभा के कार्यालय में जमा करना आवश्यक है जिससे इस योजना का लाभ दूसरे जरूरतमंद सधर्मी बंधुओं को मिल सके। महासभा के इंदौर प्रतिनिधियों ने अपने ऐसे सधर्मी भाई बहनों से अपील की है कि वे आत्मनिर्भर योजना का लाभ उठाने के लिए महासभा के निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं अथवा वेबसाइट की सहायता से भी आवेदन किया जा सकता है।

आत्मनिर्भर जैन योजना के इच्छुक लाभार्थी अपने आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र की फोटोस्टेट कॉपी, बैंक खाते का विवरण तथा पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ की प्रति अवश्य संलग्न करें।

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