सम्मेदशिखर जी। सिंह निष्क्रिड़ित साधना कर एक नया विश्व इतिहास कायम करने वाले अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागरजी महाराज की 557 दिवसीय व्रत साधना में सात दिन के बाद शुक्रवार को मंगल पारणा तीर्थ राज सम्मेदशिखर जी की पावन भूमि बिसपंथी कोठी में सम्पन्न हुई। इस पारणा में तीर्थराज में विराजमान लगभग 60 पिच्छीधारी मुनियों के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित हुए।
इस पारणा में सभी त्यागी बंधु आहार देने के लिए सैकड़ों की संख्या में उपस्थित थे। इस महासाधना में आचार्यश्री प्रमुखसागरजी महाराजजी ससंघ, आचार्यश्री गुणभद्रनंदी महाराजजी ससंघ, बालाचार्यश्री निपूर्णनंदीजी महाराजजी ससंघ, उपाध्यायश्री विप्रणतसागरजी महाराजजी ससंघ, मुनिश्री पुण्यसागरजी महाराजजी ससंघ, मुनि श्री मोक्षसागरजी महाराज सहित अन्य साधु-साध्वियों ने अन्तर्मना तपाचार्य प्रसन्नसागर महाराज की पारणा की अनुमोदना की।
इसके साथ ही इस पारणा की सभी उपस्थित भक्तों ने भी अनुमोदना की। इस अवसर पर विशेष रूप से मनोज जैन हैदराबाद, विवेक गंगवाल कोलकाता, आकाश जैन, मनोज जैन लालगोला, मनोज जैन धूलियांन, बंटी जैन अहमदाबाद, मनीष सेठी, राज कुमार अजमेरा कोडरमा, नवीन गोधा, प्रदीप जैन धनबाद आदि बहुत से भक्त शामिल हुए। यह जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा ने दी।












