समाचार

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में होगी जैन धर्म की पढ़ाई, पीठ भी स्थापित

तीन भारतीय-अमेरिकी दंपतियों ने दिया दस लाख डॉलर का दान

वाशिंगटन। अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में जैन धर्म की पढ़ाई कराई जाएगी। छात्र-छात्राएं जैन धर्म के सिद्धांत अहिंसा, अपरिग्रह, समानता, आत्मनियंत्रण और अनेकतावाद के बारे में पढ़ाई करेंगे। साथ ही आधुनिक समाज में इनके क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाएगा। विवि ने जैन अध्ययन के लिए एक पीठ की स्थापना भी कर दी है। भगवान विमलनाथ एंडाउड चेयर इन जैन स्ट्डीज यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सेंट बारबरा में जैन धर्म पर स्नातक कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे और पढ़ाए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार इस पुनीत कार्य के लिए तीन भारतीय-अमेरिकी दंपतियों ने दस लाख डॉलर का दान दिया है। विवि को दान की राशि प्राप्त भी हो चुकी है। डॉ. मीरा और डॉ. जसवंत मोदी ने वर्द्धमान चेरिटेबल फाउंडेशन के जरिये दान दिया है। रीता और डॉ. नरेंद्र पारसन ने नरेंद्र एंड रीता पारसन फैमिली ट्रस्ट और रक्षा तथा हर्षद शाह ने शाह फैमिली फाउंडेशन के जरिये दान दिया है। तीनों दंपतियों ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि मानव जाति और सभी रूपों में जीवन की मदद करने तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका अहिंसा के सिद्धांत को बढ़ावा देना तथा सभी मतों के लोगों के प्रति सम्मान दिखाना है। जैन अध्ययन के लिए एक पीठ का समर्थन करना और उसकी स्थापना करना इस लक्ष्य प्राप्ति का सबसे अच्छा तरीका है। भगवान महावीर के त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार के संदेशों को  अमेरिका के आमजन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

हिंसा पर समाधान की आस में जैन धर्म पर कोर्स

अमेरिका के स्कूलों में गोली चलने की घटनाएं आए दिन सुर्खियों में रहती हैं। हिंसा पर समाधान की आस में फैडरेशन ऑफ जैन एसोसिएशन नार्थ अमेरिका (जैना) के प्रस्ताव पर यूएस के 40 विश्वविद्यालयों में जैन धर्म पर 30 सॆ भी ज्यादा कोर्स शुरू होंगे। इनमें जैन धर्म पर पीएचडी व सात्विक आहार पर अलग कोर्स होंगे। अमेरिका के अलावा इजरायल, खाड़ी देशों और एशिया में भी ऐसे पाठ्यक्रम शुरू होंगे।
यूएस-कनाडा में लगभग 1.5 लाख जैन
यूएस-कनाडा में लगभग 1.5 लाख जैन हैं। जैना संस्था अमेरिका, कनाडा और यूरोप के की विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर यह कोर्स तैयार कर रही है। कोर्स पर होने वाला खर्च अमेरिका में रह रहे जैन परिवारों द्वारा दिए गए फंड से किया जाएगा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page