कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के षष्ठम दिवस पंच परमेष्ठी के 501 अर्घ्य समर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन कर धर्मलाभ अर्जित किया। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना से आयोजित अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का षष्ठम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
कलशाभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ शुभारम्भ
प्रातःकाल भगवान का भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य लालचंद, कमल कुमार, पियूष, गुज्जन, रेखा एवं वीर पहाड़िया परिवार, विमलचंद, सुशीला, विनय, मनीषा, विकास, कल्पना पहाड़िया परिवार तथा लालचंद, पुष्पा, अनीष, सोनू एवं मनीष अजमेरा परिवार (टोडास) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।
श्रद्धालुओं ने किया विधान पूजन
लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व में श्री सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व है। पूजन का सौभाग्य सुरेश, अमित, मनोज, विशाल पाटोदी, भंवरलाल झाझरिया, लालचंद, महेंद्र, विकास, नीरज, विशाल पहाड़िया, मनीष, राजेश, प्रदीप गंगवाल, संतोष, विकास काला, राजेश, प्रतीक, नन्नू पांड्या, अशोक अजमेरा, मनोज गोधा, अशोक बज एवं तेजकुमार बड़जात्या सहित अनेक श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का वाचन सुरेश कुमार पांड्या ने किया।
पंच परमेष्ठी के 501 अर्घ्य समर्पित
कलशाभिषेक के उपरांत आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान में सिद्धों की आराधना स्वरूप पंच परमेष्ठी के 501 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से विधान में सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।
महाआरती में उमड़ी श्रद्धा
सायंकाल श्री सिद्धचक्र विधान की भव्य महाआरती सम्पन्न हुई। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने महाआरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आत्मकल्याण एवं विश्व मंगल की प्रार्थना की।













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