आगरा के नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री समत्व सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। धर्मसभा में मुनिश्री ने आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
आगरा। युवा श्रुत संवाहक मुनिश्री समत्व सागर जी महाराज, मुनिश्री शीलसागर जी महाराज एवं मुनिश्री सुप्रभातसागर जी महाराज ससंघ का शुक्रवार प्रातः नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में ढोल-नगाड़ों एवं धर्म जयघोष के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिला मंडल, युवाओं एवं बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
श्रद्धा और भक्ति से हुआ स्वागत
प्रातः 7 बजे आयोजित मंगल प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मुनिसंघ का अभिनंदन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने मंगल आरती एवं वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन धर्म के जयघोष एवं भक्तिमय भजनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
धर्मसभा में आत्मकल्याण का संदेश
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर समाज के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने मुनिसंघ का भव्य स्वागत किया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री समत्व सागर जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण है। संयम, तप, स्वाध्याय और सदाचार के माध्यम से ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
अहिंसा और आत्मचिंतन की प्रेरणा
मुनिश्री ने सभी श्रद्धालुओं से अहिंसा, सत्य, आत्मचिंतन एवं धर्ममार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मिक उन्नति ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
समाजजनों की रही सहभागिता
इस अवसर पर राजेश जैन, अशोक जैन, दिनेश जैन, सत्येंद्र जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, महिला मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













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