धामनोद के जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के तृतीय दिवस नंदीश्वर दीप महामंडल विधान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक पूजन-अर्चना में सहभागिता की। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
धामनोद। धामनोद स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के अंतर्गत तृतीय दिवस श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में आयोजित किया गया। विधान अशोक प्रधान के सानिध्य में संपन्न हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
भक्ति से सराबोर हुआ मंदिर परिसर
प्रातःकाल भगवान श्री 1008 शांतिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न होने के बाद विधिवत पूजन एवं नंदीश्वर दीप महामंडल विधान प्रारंभ हुआ। मंदिर परिसर पूरे समय भक्ति, आराधना और मंगल ध्वनियों से गुंजायमान रहा।
जन्मदिवस पर मिला प्रथम अभिषेक का सौभाग्य
श्री सुरेशचंद जैन ने अपने 73वें जन्मदिवस के अवसर पर इंद्र बनकर भगवान शांतिनाथ के मस्तक पर प्रथम स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त किया। उन्होंने ₹1008 की बोली लगाकर प्रथम अभिषेक तथा शांतिधारा का पुण्य भी अर्जित किया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता
विधान में प्रमिला जैन, अभिषेक जैन, दीपक प्रधान, राजेश जैन, पीयूष जैन, अजय जैन, पारस जैन, सुनील जैन, पंडित नितिन जैन, डॉ. प्रकाश किवायत, अनिल जैन, नरेंद्र जैन, राकेश जैन, संदीप मंडलोई, ऊषा जैन, प्रभा प्रधान, सुरक्षा जैन, शोभा जैन, मीना जैन, बड़कुल बैजी सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा उत्साह
मीडिया प्रभारी यश जैन ने बताया कि नंदीश्वर दीप महामंडल विधान में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। समाज की महिलाओं एवं पुरुषों में धर्म, भक्ति और आराधना के प्रति विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। अष्टानिका महापर्व के अवसर पर पूरे नगर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है।













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