समाचार

छुलिल्का 105 सदयश्री माता जी की हुई समाधि : सकल जैन समाज ने ढोल यात्रा के साथ दी भावभीनी अंतिम विदाई


मध्यप्रदेश के भिंड में छुलिल्का 105 सदयश्री माता जी का यम सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण हुआ। श्रद्धालुओं ने ढोल यात्रा निकालकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। संत सान्निध्य में धार्मिक रीति से अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।


भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड नगर में परम पूज्य गढ़ाचार्य विराग सागर जी महाराज के परम शिष्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा परम पूजनीय आर्यिका विजिग्यासा श्री माता जी के सान्निध्य में विशुद्ध शिष्या छुलिल्का 105 सदयश्री माता जी का 22 जुलाई को यम सल्लेखना पूर्वक णमोकार महामंत्र का स्मरण करते हुए समाधि मरण हो गया। उनके समाधि मरण पर सकल जैन समाज ने श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई अर्पित की।

श्रद्धा के साथ निकली ढोल यात्रा

23 जुलाई की प्रातः श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन परेड मंदिर, पुस्तक बाजार से श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ढोल यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा भक्तिभाव के साथ विभिन्न मार्गों से होती हुई सूर्य उदासीन आश्रम स्थित नसिया जी मंदिर पहुँची, जहाँ धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

संत सान्निध्य में सम्पन्न हुई अंतिम विदाई

नगर में विराजमान मुनि श्री विनय सागर जी महाराज, आर्यिका विजिग्यासा श्री माता जी ससंघ एवं बाल ब्रह्मचारी अनिकेत भैया जी के सान्निध्य में धार्मिक वातावरण के बीच अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएँ सम्पन्न हुईं। श्रद्धालुओं ने नमोकार महामंत्र का जाप करते हुए माता जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

समाजजनों की रही उपस्थिति

अंतिम विदाई कार्यक्रम में महिला महासभा अध्यक्ष रानी जैन, सैलू जैन (LIC), दीपक जैन, राजीव जैन, महेश पहाड़िया, नीरज पुजारी सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और समाधि मरण को आध्यात्मिक आदर्श बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

आध्यात्मिक प्रेरणा

जैन परंपरा में सल्लेखना एवं समाधि मरण को आत्मशुद्धि, वैराग्य और समत्व भाव का श्रेष्ठ साधन माना जाता है। छुलिल्का 105 सदयश्री माता जी का समाधि मरण समाज के लिए संयम, श्रद्धा और आत्मकल्याण की प्रेरणा बन गया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page