आचार्यदेव विजय जयरत्न सूरीश्वरजी मसा का सायला नगर में भव्य नगर प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ हुआ। नगरवासियों एवं श्रीसंघ ने आचार्यश्री का भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आईएएस पक्षाल सेक्रेट्री जैन (यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 8) का भी श्रीसंघ ने बहुमान किया। बाग/ सायला से पढ़िए, श्रीफल साथी की यह खबर…
बाग / सायला। आचार्यदेव विजय जयरत्न सूरीश्वरजी मसा का सायला नगर में भव्य नगर प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ हुआ। नगरवासियों एवं श्रीसंघ ने आचार्यश्री का भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आईएएस पक्षाल सेक्रेट्री जैन (यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 8) का भी श्रीसंघ ने बहुमान एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तप, जप, स्वाध्याय एवं आराधना का सर्वाेत्तम अवसर
अपने मंगल प्रवचन में आचार्य विजय जयरत्न सूरीश्वरजी मसा ने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, कर्म निर्जरा, तप, जप, स्वाध्याय एवं आराधना का सर्वाेत्तम अवसर है। इस पावन काल का सदुपयोग कर प्रत्येक व्यक्ति को धर्म आराधना के माध्यम से अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए।
आईएएस बनने की शक्ति, आत्मविश्वास मिला
कार्यक्रम में आईएएस पक्षाल सेक्रेट्री जैन ने कहा कि गुरु कृपा, गुरु वचनों का पालन तथा धर्म के प्रति अटूट आस्था ही जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गुरुजनों के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से ही उन्हें आईएएस बनने की शक्ति, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
गुरु की मौन साधना-भूमि पर अवश्य पधारें
अपने उद्बोधन में उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष आग्रह कर कहा कि सभी श्रद्धालु बाग नगर स्थित पुण्य सम्राट श्री जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा की मौन साधना-भूमि पर अवश्य पधारें तथा उस पावन तपोभूमि के दर्शन एवं आध्यात्मिक अनुभूति का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को चातुर्मास की मंगलमय सफलता एवं धर्म आराधना की शुभकामनाएं दीं।













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