धामनोद स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान नेमीनाथ के मोक्ष कल्याणक पर अभिषेक, शांतिधारा, निर्वाण कांड एवं लड्डू अर्पण के साथ श्रद्धापूर्ण आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागी बनकर धर्मलाभ अर्जित किया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
धामनोद। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, धामनोद में 22वें तीर्थंकर भगवान श्री नेमीनाथ के मोक्ष कल्याणक का पर्व आषाढ़ शुक्ल सप्तमी के पावन अवसर पर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर भगवान नेमीनाथ के जयघोषों से गूंज उठा तथा बड़ी संख्या में समाजजन आयोजन में शामिल हुए।
अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न
प्रातःकाल भगवान नेमीनाथ का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। प्रथम अभिषेक कलश का सौभाग्य डॉ. सुरेखा कियावत एवं डॉ. प्रकाश कियावत को प्राप्त हुआ। अभिषेक एवं शांतिधारा में अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।
मोक्ष कल्याणक की भावपूर्ण आराधना
निर्वाण कांड के वाचन के साथ भगवान नेमीनाथ के गिरनार सिद्धक्षेत्र पर मोक्ष कल्याणक का भावपूर्ण स्मरण किया गया। श्रद्धालु महिलाओं एवं पुरुषों ने श्रद्धा से शुद्ध लड्डुओं के थाल सजाकर भगवान के श्रीचरणों में अर्पित किए। दीप प्रज्ज्वलन एवं जयघोषों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने किया पुण्यार्जन
कार्यक्रम में इंद्र बनकर अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धानुसार दान समर्पित किया। समाज कार्यकारिणी ने सभी दानदाताओं की अनुमोदना करते हुए उनके धार्मिक योगदान की सराहना की।
समाजजनों की रही सहभागिता
समारोह में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी यश जैन, समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान एवं सचिव प्रभा प्रधान ने दी।
मोक्ष कल्याणक का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि भगवान नेमीनाथ का मोक्ष कल्याणक आत्मकल्याण, वैराग्य, संयम एवं सिद्धत्व की आराधना का संदेश देता है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने और नई पीढ़ी में संस्कार जागृत करने का कार्य करते हैं।













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