जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका रत्न श्री 105 अर्हंश्री माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। विश्व शांति के लिए शांतिधारा संपन्न हुई तथा माताजी ने संस्कार, क्षमा और आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी उदयभान जैन की यह रिपोर्ट।
जयपुर।परम पूज्य आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज की परम प्रभाविका शिष्या, सम्यक्त वर्धिनी, भक्तामर साधिका एवं जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका रत्न श्री 105 अर्हंश्री माताजी ससंघ का मंगलवार प्रातः गायत्री नगर, महारानी फार्म स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ।
भव्य अगवानी एवं मंगल प्रवेश
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि पूज्य माताजी प्रातः मीरा मार्ग जैन मंदिर से गाजे-बाजे के साथ विहार कर मंदिर पहुंचीं। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती की। मंदिर परिसर में महिला मंडल द्वारा मंगल कलश के साथ भव्य अगवानी की गई। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में पूज्य माताजी का विधिवत स्वागत एवं मंदिर प्रवेश कराया गया।
विश्व शांति हेतु शांतिधारा
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि पूज्य माताजी के मुखारविंद से विश्व शांति के लिए शांतिधारा कराई गई। प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य गौरव जैन (खेडली), विद्या प्रताप काला एवं गुंजन जैन को प्राप्त हुआ। सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजित शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुईं।
मंगल प्रवचन में दिया संस्कारों का संदेश
मंगल प्रवचन में आर्यिका श्री अर्हंश्री माताजी ने कहा कि प्रत्येक श्रावक-श्राविका को प्रतिदिन अपने अच्छे कार्यों का लेखा-जोखा डायरी में लिखना चाहिए। उन्होंने सभी को प्रतिदिन क्षमा करने और क्षमा मांगने की प्रेरणा देते हुए कहा कि श्रेष्ठ संस्कार ही भविष्य में जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बनते हैं।
पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता
इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश वोहरा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा, राकेश पटौदी, बसंत बाकलीवाल, आलोक शाह, कैलाश छाबड़ा, उदयभान जैन, आनंद बाकलीवाल सहित विभिन्न कॉलोनियों से आए श्रद्धालुओं एवं धर्म जागृति संस्था के प्रदेश अध्यक्ष पदम बिलाला का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
आगामी कार्यक्रम
अरुण शाह ने बताया कि पूज्य माताजी के सान्निध्य में दोपहर 3:30 बजे स्वाध्याय, शाम 4:30 बजे शंका समाधान तथा रात्रि 7:00 बजे संस्कार यात्रा का आयोजन होगा। 15 जुलाई को प्रातः शांतिधारा एवं मंगल प्रवचन मंदिर परिसर में आयोजित किए जाएंगे। सभा का संचालन अध्यक्ष अरुण शाह ने किया।













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