बीनागंज में परम पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रत की प्रतिमा का तिलक दस्तूर संस्कार श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रतिमा 12 जुलाई को नौगामा के निर्माणाधीन जिनालय में विराजमान होगी। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
बीनागंज। परम पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रत की प्रतिमा का तिलक दस्तूर संस्कार बीनागंज में वैदिक एवं जैन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। प्रतिमा के आगमन पर श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए भक्ति भाव से स्वागत किया।
मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुआ संस्कार
प्रतिष्ठाचार्य सुयश प्रदीप भैया (अशोकनगर) के सानिध्य में मंत्रोच्चारण के साथ तिलक दस्तूर संस्कार की विधि संपन्न कराई गई। रिमझिम वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने केसर-चंदन से तिलक कर प्रथम श्रीफल अर्पित किया। प्रथम सौभाग्य नौगामा निवासी पिंडारमिया परिवार के प्रदीप कुमार, रतनलाल, वर्षा बेन एवं कमलाबेन को प्राप्त हुआ।
श्रद्धालुओं ने किया भावपूर्ण स्वागत
नौगामा नवयुग मंडल, जैन समाज तथा बीनागंज जैन समाज के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज तथा भगवान की प्रतिमा को श्रीफल अर्पित कर नमोस्तु किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्ति और जयघोष से गुंजायमान रहा।
10 जुलाई को राजस्थान में होगा मंगल प्रवेश
मुनि श्री के आशीर्वाद के पश्चात प्रतिमा बीनागंज से मंगल विहार करते हुए 10 जुलाई को राजस्थान में प्रवेश करेगी। मार्ग के विभिन्न नगरों में श्रद्धालु भव्य अगवानी करेंगे।
12 जुलाई को होगी प्रतिमा की प्रतिष्ठा
नवयुग मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी एवं जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने बताया कि 12 जुलाई को प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया तथा वास्तु शास्त्री श्रीपाल नानावटी के निर्देशन में भगवान मुनिसुव्रत की प्रतिमा नौगामा स्थित सुखोदय के निर्माणाधीन जिनालय में विधि-विधानपूर्वक विराजमान कराई जाएगी। इसके लिए पूरे नगर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है।
शांति विधान का भी हुआ आयोजन
जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि इस अवसर पर आदिनाथ मंदिर में विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के सानिध्य में शांति विधान का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।













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