जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महाराज का 59वां दीक्षा दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं आचार्य श्री के जीवन पर प्रेरक प्रवचन हुए। पढ़िए श्रीफल साथी उदयभान जैन की यह रिपोर्ट।
जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर, महारानी फार्म, गायत्री नगर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में मंगलवार, 30 जून को परम पूज्य आचार्य शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महाराज का 59वां दीक्षा दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री (गायत्री नगर) के निर्देशन में संपन्न हुआ।
अभिषेक एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि प्रातः 6:15 बजे प्रथम कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य अशोक रावका एवं महावीर शाह को प्राप्त हुआ। इसके उपरांत निर्मल-अनिल जैन गदिया (बयाना) परिवार ने आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
आचार्य श्री के जीवन प्रसंगों ने किया प्रेरित
युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि इस अवसर पर पंडित अजीत शास्त्री ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दीक्षा-पूर्व जीवन, दीक्षा के ऐतिहासिक प्रसंग, कठोर तप, त्याग एवं समाज पर उनके अमूल्य उपकारों से जुड़े प्रेरक संस्मरण प्रस्तुत किए, जिन्हें श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर सुना।
भक्ति भाव से संपन्न हुई विशेष पूजा
सुनन्दा अजमेरा के मधुर स्वर में आचार्य श्री की पूजा संपन्न हुई। अष्टमंगल द्रव्यों से श्रद्धालुओं ने अत्यंत भक्तिभाव के साथ पूजन-अर्चन कर आचार्य श्री के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
समाजजनों की रही उल्लेखनीय सहभागिता
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, संजय ठोलिया, सौरभ झांझरी, वरिष्ठ समाजसेवी संतोष जैन (वास्को वाले), राकेश पाटोदी, मुकेश पांड्या, कमल मालपुरा वाले, सजल लुहाडिया, सुबोध जैन, रमेश सोगानी, राकेश छाबड़ा, दीपेश छाबड़ा, आलोक जैन, पदम पांड्या, वीरेन्द्र अजमेरा, सुनील जैन, राजेश बाकीवाला, प्रदीप बाकलीवाल सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूजा-अर्चना में सहभागी बने।
आभार के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।













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