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मुनिश्री के सान्निध्य में सर्व समाज सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे : आत्मबल, श्रद्धा और धर्म की शक्ति पर मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज का प्रेरक संदेश


गुना में मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित सर्व समाज सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। धर्मसभा में आत्मबल, श्रद्धा, सत्य और धर्म के महत्व पर प्रेरक संदेश दिए गए। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।


गुना। मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित भव्य सर्व समाज सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहुंचकर गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया। सम्मेलन में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।

आत्मा की शक्ति जागृत करने का संदेश

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जैन दर्शन का मूल सूत्र आत्मा की शक्तियों को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने भीतर ऐसी आध्यात्मिक शक्ति विकसित करे कि यदि पूरा संसार भी विरोध में खड़ा हो जाए, तब भी उसका कोई अहित न कर सके। अपने सत्य और धर्म का ऐसा कवच धारण करें कि विरोधियों के सभी प्रहार निष्फल हो जाएं। परिस्थितियों और शत्रुओं की चिंता करने के बजाय अपने स्वभाव और आत्मबल को मजबूत बनाना ही सच्ची साधना है।

सिंधिया ने मांगा ग्वालियर-शिवपुरी का आशीर्वाद

केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुदेव के पाद प्रक्षालन के उपरांत कहा कि गुना, अशोकनगर और मुंगावली क्षेत्र के लोगों को मुनिश्री का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। अब शिवपुरी और ग्वालियर क्षेत्र के श्रद्धालुओं को भी उनके पावन चरणों का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों को गुरुदेव की सेवा का सौभाग्य मिला है और वे चाहते हैं कि चौथी पीढ़ी को भी ग्वालियर में उनकी अगवानी का अवसर प्राप्त हो।

सर्व समाज को मिला पाद प्रक्षालन का सौभाग्य

मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि लगभग 13 वर्षों बाद आयोजित इस सर्व समाज सम्मेलन में सभी समाजों और संगठनों को गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे समाज की एकता और सौहार्द का ऐतिहासिक अवसर बताते हुए सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

गुना के लिए ऐतिहासिक रहा दिन

सम्मेलन के अध्यक्ष मनोज स्वराज ने उपस्थित सभी समाजों का अभिनंदन किया। आयोजन के संयोजक तरुण जैन ने कहा कि आज का दिन गुना नगर के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। बड़ी संख्या में लोगों को गुरुदेव के चरणों तक पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला, जो नगर के लिए गौरव का विषय है।

धर्म आस्था का विषय है

अपने प्रवचन में मुनिश्री ने कहा कि धर्म किसी जाति या वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का विषय है। जो व्यक्ति सच्चे मन से धर्म को अपनाता है, उसके जीवन में धर्म का प्रभाव स्वतः दिखाई देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि विरोधियों, परिस्थितियों या अशुभ कर्मों से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं, बल्कि अपनी श्रद्धा और आत्मबल को मजबूत बनाना चाहिए।

आत्मबल से जीवन होगा सफल

मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति स्वयं को इतना सशक्त बनाए कि कोई उसे भ्रमित या कमजोर न कर सके। धर्म, सत्य और श्रद्धा के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जीवन की प्रत्येक कठिनाई का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि उपकार करने वालों का सम्मान करना और धर्म के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखना ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

सम्मेलन के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में समाज के विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का समापन धर्म, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुआ।.

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