राजस्थान जैन साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार प्रातः श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर, में श्रुत स्कन्ध पूजा विधान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। राजस्थान जैन साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार प्रातः श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर, में श्रुत स्कन्ध पूजा विधान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः षट्खण्डागम की भव्य पालकी यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर जिनवाणी धारण कर श्रद्धापूर्वक सहभागिता निभाई। जिनवाणी के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा। मंडल विधान में मूल नायक भगवान नेमिनाथ को पाण्डुशिला पर विराजमान कर सौधर्म इंद्र जे.के. जैन एवं लाड़ देवी परिवार द्वारा शांतिधारा की गई। वहीं राजेश गर्ग जैन ने भी शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने जिनवाणी माँ की सामूहिक आराधना करते हुए अष्टद्रव्य से पूजन-अर्चन कर श्रुत ज्ञान के प्रति अपनी गहन आस्था व्यक्त की। पूरे वातावरण में भक्ति, आध्यात्मिकता और धर्ममय भावनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला।
विशेष रूप से भगवान धर्मनाथ के निर्वाण कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण लाड़ू राजस्थान जैन साहित्य परिषद के संरक्षक शांतिलाल गंगवाल एवं महेशचंद्र चांदवाड़ ने परिषद सदस्यों एवं समाजजनों के साथ श्रद्धापूर्वक अर्पित किया।
इस आयोजन में राजस्थान जैन साहित्य परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला एवं मंत्री महावीर चांदवाड़ के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई ।विधानाचार्य प० रमेश जैन गंगवाल ने आयोजन की व्यवस्थाओं का संचालन किया।
मंदिर समिति की ओर से मंदिर अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश छाबड़ा, मंदिर मंत्री देवेन्द्र कासलीवाल तथा स्थानीय संयोजक प्रदीप जैन चांदवाड़ ने परिषद के अध्यक्ष ,मंत्री , विधानाचार्य तथा सदस्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहीं और जिनवाणी माँ की आराधना कर श्रुत पंचमी महोत्सव की गरिमा को बढ़ाया। परिषद का छ दशक से प्रतिष्ठा पूर्ण आयोजन जिनवाणी रथ यात्रा शुक्रवार को निकाली जाएगी।













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