जनपद के एकमात्र संस्कृत विद्यालय श्री महावीर दिगम्बर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं गणेश वर्णी दिगम्बर जैन छात्रावास साढूमल की नव निर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति का शपथ ग्रहण समारोह विद्यालय प्रांगण में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। जनपद के एकमात्र संस्कृत विद्यालय श्री महावीर दिगम्बर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं गणेश वर्णी दिगम्बर जैन छात्रावास साढूमल की नव निर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति का शपथ ग्रहण समारोह विद्यालय प्रांगण में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलाचरण से हुआ, जिसे पं. संतोष शास्त्री ने प्रस्तुत किया। समारोह में पूर्व बैठक की कार्यवाही की समीक्षा के उपरान्त निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट अभय जैन एवं डॉ. कमलेश जैन ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर वर्द्धमान कुमार जैन ने अध्यक्ष, राजेंद्र कुमार जैन ने उपाध्यक्ष, रतनचंद्र जैन ने अधिष्ठाता, सिंघई अरविंदकुमार जैन ने उप अधिष्ठाता, सिंघई धन्यकुमार जैन एडवोकेट ने प्रबंधक, सिंघई कमलजैन ने संरक्षक, जीवनकुमार जैन ने मंत्री, अनिलकुमार जैन ने उप मंत्री, दीपककुमार जैन ने कोषाध्यक्ष तथा डॉ. शिखर चंद्र जैन ने लेखा निरीक्षक पद की शपथ ग्रहण की। कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में राजेश कुमार जैन, कल्याण कुमार जैन, सिंघई प्रकाश चन्द्र जैन, सुरेन्द्र कुमार जैन, चक्रेश कुमार जैन, देवांश जैन एवं अजय कुमार जैन ने शपथ ली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिषेक जैन शास्त्री को पदेन सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के पश्चात सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सम्मान किया गया।
ट्रस्ट कमेटी की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
इस अवसर पर मीटिंग हाल में विद्यालय की ट्रस्ट कमेटी की बैठक ट्रस्टी सुधीरकुमार जैन (झांसी) की अध्यक्षता में हुई, जिसमें संस्था के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ट्रस्टी सुधीरकुमार जैन ने कहा कि यह संस्था अपने 109 वर्षों के गौरवशाली सफर में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती आ रही है। ट्रस्टी देवेन्द्र कुमार जैन ‘झंडा वाले’ ने कहा कि विद्यालय की स्थापना के प्रेरणास्रोत गणेश प्रसाद जी वर्णी एवं संस्थापक लक्ष्मीचंद रईस बमराना का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। पदाधिकारियों ने विद्यालय एवं छात्रावास के विकास, संरक्षण तथा उन्नयन के लिए संकल्प लिया और शीघ्र ही कायाकल्प योजना को मूर्त रूप देने की बात कही।
109 वर्षों से संचालित यह संस्था ज्ञान का भंडार
ट्रस्टी सिंघई कन्छेदी लाल जैन मड़ावरा ने कहा कि इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। ट्रस्टी डॉ. सुनील जैन ‘संचय’ ने कहा कि 109 वर्षों से संचालित यह संस्था प्राच्य विद्याओं, प्राकृत भाषा, संस्कृत, जैन दर्शन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्द्धन में अतुलनीय योगदान दे रही है।
पुस्तकालय के लिए भेंट की 200 पुस्तकें
विद्यालय में स्थापित पुस्तकालय में लगभग दस हजार महत्वपूर्ण पुस्तकों के साथ अनेक प्राचीन पांडुलिपियां भी सुरक्षित हैं। डॉ. सुनील जैन ‘संचय’ ने पुस्तकालय के समृद्धिकरण के लिए संस्कृत, प्राकृत, जैन दर्शन एवं आध्यात्मिक विषयों से संबंधित 200 पुस्तकें भेंट कीं।













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