आचार्य श्री शांति सभागार में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर के इतिहास में पहली बार गणधर वलय विधान का शुभारंभ हुआ। श्री पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर धूलियागंज से घटयात्रा भगवान महावीर के जयकारों के साथ निकाली गई। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट…
आगरा। दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में एमडी जैन इंटर कॉलेज फील्ड के हॉल, हरीपर्वत में आचार्य श्री शांति सभागार में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर के इतिहास में पहली बार गणधर वलय विधान का शुभारंभ हुआ। श्री पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर धूलियागंज से घटयात्रा भगवान महावीर के जयकारों के साथ निकाली गई। धूलियागंज से घटिया होते एमडी जैन, हरिपर्वत पर संपन्न हुई घटयात्रा में ढोल- नगाडों के साथ महिलाएं 200 कलश लेकर चल रही थीं और सभी इंद्र-इंद्राणी बग्गियों पर सवार थे। सौधर्म इंद्र यतेंद्र कुमार अभिलाषा जैन, कुबेर राजेंद्र कुमार जैन नीलम जैन, लुहाड़िया, यज्ञनायक इंद्र सुरेश कुमार माया जैन, ईशान इंद्र जिनेंद्र कुमार अनिता जैन, चक्रवर्ती इंद्र सुबोध पाटनी शचि पाटनी, मोहन स्वरुप नूतन जैन, रवि कुमार बीना जैन, पदम चंद प्रेमलता जैन, इंद्र जितेंद्र कुमार अंशु जैन, रमेश चंद मधुलता जैन, वीरेंद्र कुमार पूनम जैन, राजेंद्र कुमार विमलेश जैन घटयात्रा में शामिल रहीं।
इन सौभाग्यशालियों ने किया ध्वजारोहण और चित्र अनावरण आदि
बैंडबाजों की मधुर ध्वनि पर श्रद्धालुजन नृत्य करते हुए चल रहे थे। भक्ति संगीत पर महिलाएं झूम रही थीं। इसके बाद बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी ने धार्मिक क्रियाएं एवं ध्वजारोहण प्रदीप जैन पीएनसी परिवार और पंडाल उद्घाटन विमलेश कुमार उषा जैन मार्शंस, हीरालाल बैनाड़ा बीना बैनाड़ा परिवार ने किया। मंडप उद्घाटन निर्मल मोठ्या विमल जैन मोठ्या परिवार ने किया। चित्र अनावरण जितेंद्रकुमार जैन, पुष्पेंद्र जैन पथिक, अशोक जैन पूर्व डिप्टी मेयर ने किया और दीप प्रज्वलन विमल कुमार सिंघई, राकेश जैन पार्षद, मनोज जैन बाकलीवाल, सुनील जैन ठेकेदार ने किया।
बहुत सुंदर अवसर हम सब के बीच में हैं
आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिनसे बात करेंगे, वे उन विश्व गुरु की, जो विश्व गुरु तारणहार हैं। उस काट की नौका पर बैठे हैं, जो स्वयं भी किनारे बहेंगे और उस नौका में जो भी सवार होंगे, उनको भी किनारे कर देंगे। बहुत सुंदर अवसर हम सब के बीच में हैं। संपूर्ण महा विद्याओं के पारगामी प्रत्यक्ष ज्ञान के स्वामी बन करके उन आठ ऋद्धियों को प्राप्त किया, जो ऋद्धियां आसानी से प्राप्त नहीं हुआ करती हैं। उग्र तप करके जिन्होंने अपने आप को देशावधि, परमावधि, सर्वावधि ज्ञान से सुसंस्कृत किया।
स्तवन हमारे ज्ञान के ऊपर जो अज्ञान को खत्म करता है
चार बुद्धियां जिनके पास में चरणचेरी बनकर के प्रति समय विद्यमान रहती हैं। ऐसे गंधार देव जो संपूर्ण मुनि संघ के अधिपति हुआ करते थे। उन 1492 गणधर का आज हम ऐसा स्तवन करने चल रहे हैं, जो स्तवन हमारे ज्ञान के ऊपर जो अज्ञान पटल है, उसको उघाड़ने में ऐसा कार्य करना होगा। उनके पास जो बीज बुद्धि है, उनके पास जो पादानुसारी ऋद्धि है, उनके पास जो संभिन्नश्रोत बुद्धि है, यह बुद्धियां अगर उनके पास ना हो, तो निश्चित है वो भगवान की वाणी को कभी झेलने में समर्थ नहीं हो सकते। कोष्ठ बुद्धि उसी प्रकार है, जैसे हम अपने स्टोर में हर चीज़ को स्टोर करके रखते हैं कि आपत्ति काल में अथवा जब आवश्यकता होगी, तो तुरंत हर बाज़ार में नहीं जाना पड़ेगा।
इन समाजजनों की मौजूदगी से सभा रही गर्वित
धर्मसभा में मुख्य रूप से प्रदीप जैन पी.एन. सी, जितेंद्र जैन, हीरालाल बैनाड़ा, निर्मल मोठ्या, सुशील जैन सघई, सुनील जैन संघई संगीत, पन्नालाल बैनाड़ा, पूर्व मंत्री सुनील जैन ठेकेदार, अशोक जैन पूर्व डिप्टी मेयर, परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थ मंत्री राकेश जैन परदे वाले, उपमंत्री विमल जैन, पवन जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, अनन्त जैन, मनीष जैन लवली, पारस जैन, कुमार मंगलम जैन, अनुज जैन क्रांति, दीपक जैन, रवि जैन, मयंक जैन, अविनाश जैन, पंकज जैन, प्रांजल जैन, सुबोध जैन, रमेश जैन, सचिन जैन,रमेश जैन, राजेश जैन सहित सकल जैन समाज मौजूद था। धर्मसभा का संचालन महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया।













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