नगर के अंबाह रोड फाटक बाहर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर में 8 से 15 जून तक चले ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर का समारोह में समापन हुआ। शिविर समापन में परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट…
मुरैना। नगर के अंबाह रोड फाटक बाहर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर में 8 से 15 जून तक चले ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर का समारोह में समापन हुआ। शिविर समापन में परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। शिविर के मुख्य संयोजक पदमचंद जैन गेंदालाल ने बताया कि इस अवसर पर धार्मिक अध्यापन कराने आए अतिथि विद्वानों, शिविर प्रभारी एवं अन्य लोगों का तिलक, मणिमाला, दुपट्टा, श्रीफल, स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया गया। सात दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर में चल रहे अध्यापन कार्य में लगभग एक सैकड़ा से अधिक साधर्मी बंधुओं माता बहनों युवाओं एवं बच्चों ने सहभागिता प्रदान की। सभी शिविरार्थियों ने पूर्ण लगन एवं तन्मयता के साथ अध्ययन किया। इस अवसर पर मंजू पारस जैन खानेता का जिनवाणी रखरखाव, साजसज्जा एवं सुरक्षा के लिए एवं प्रचार के लिए मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक का बहुमान किया गया।
जयपुर से पधारे अतिथियों ने दिया प्रशिक्षण
आचार्यश्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से निर्यापक श्रमण मुनि पुंगम सुधासागरजी महाराज के निर्देशन में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वाधान में ग्वालियर एवं चम्बल संभाग में सात दिवसीय शिक्षण शिविरों का आयोजन चल रहा था। जिसमें सांगानेर जयपुर से पधारे हुए अतिथियों द्वारा शिक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य किया गया। सभी विद्वानों ने बालबोध, छहढाला, समयसार एवं भक्तामर आदि की कक्षाएं लेकर शिक्षण प्रदान किया।
समारोह के शुभारंभ से पूर्व समाज की नन्ही मुन्नी बालिकाओं ने भक्ति नृत्य के साथ मंगलाचरण प्रस्तुत किया। चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन उद्यमी पवन जैन, टीकाराम जैन, सतीशचंद्र जैन, रामशंकर जैन, विपिन जैन एवं अन्य गणमान्य महानुभावों ने किया। समारोह का संचालन गौरव जैन चैटा वालों ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों एवं बालिकाओं की विशेष प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। समाज के श्रावक श्रेष्ठियों ने मुख्य संयोजक पदमचंद जैन का सम्मान भी किया।
शिविरार्थियों को वितरित किए गए पुरस्कार
श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों में अध्यापन करा रहे विद्वत अनुभव जैन शास्त्री भगवां, अर्हम जैन शास्त्री बीना एवं नवनीत शास्त्री मुरैना का समाज की ओर से बहुमान किया गया। सात दिवस निरंतर अध्यापन के बाद सभी शिविरार्थियों की लिखित परीक्षाएं हुईं। जिसमें भक्तामर में प्रथम डौली जैन, द्वितीय हर्षित जैन, तृतीय नैंसी जैन, छहढाला में प्रथम कविता जैन, द्वितीय रीना जैन, तृतीय राखी जैन, बालबोध भाग 1 में प्रथम अमिषी जैन, द्वितीय सोना जैन
तृतीय गुंजन जैन, बालबोध भाग 2 में प्रथम आरव जैन, द्वितीय गरिमा जैन, तृतीय दक्ष जैन ने स्थान प्राप्त किया। सभी शिविरार्थियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
सात दिन तक नसिया जी में बही ज्ञान रूपी गंगा
सात दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर में ज्ञान रूपी गंगा का समागम निरंतर बना रहा। सभी शिवरार्थियों ने समय एवं नियमावली का पूर्ण पालन करते हुए धार्मिक वातावरण में अध्यापन करते हुए अपने ज्ञान पुंज को जागृत किया। विशेषकर बच्चों में अति उत्साह देखा गया। शिविर की व्यवस्थाओं में रविंद्र जैन खड़ियाहार, विकास जैन पलपुरा, ललित जैन एवं अन्य समाज बंधुओं ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप सेशिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।













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