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अभिमान मत करना मान से जीवन का होता है पतन : मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के सानिध्य में बुधवार को होगा अथाई खेड़ा में सुधा सागर धाम का शिलान्यास


अभिमान से व्यक्ति के जीवन का पतन होता चला जाता है जीवन में अभिमान मत करना छह खंड के अधिपति रावण का भी अभिमान नहीं टिका तो आप और हम लगते कहां हैं। मान कष्य कहें या घमंड़ व्यक्ति को अधोगति की ओर ही ले जाता है। यह उद्गार बंगला चौराहे पर श्रीमद् जिनेन्द्र बेदी प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ समारोह को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर…


बंगाल चौराहे/अशोक नगर। अभिमान से व्यक्ति के जीवन का पतन होता चला जाता है जीवन में अभिमान मत करना छह खंड के अधिपति रावण का भी अभिमान नहीं टिका तो आप और हम लगते कहां हैं। मान कष्य कहें या घमंड़ व्यक्ति को अधोगति की ओर ही ले जाता है। यह उद्गार बंगला चौराहे पर श्रीमद् जिनेन्द्र बेदी प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ समारोह को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि

जिसके पास रहने के लिए सोने का महल था, चलने के लिए पुष्पक विमान जो मन की गति से चलता था। वह भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जी से हार गया। इसलिए ये पक्का मानकर चलना घमंड किसी का टिकता नहीं है मान-अभिमान और स्वाभिमान में अंतर है, उनको एक ही पलड़े पर नहीं रखा जा सकता। मान और अभिमान को छोड़कर अपने स्वाभिमान को आप अपने तक ही सीमित रखें तो कभी मान नहीं पनप पाएगा।

संत निवास के साथ होगा धर्मशाला का शिलान्यास

मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि मुनि संघ ने शाम को अस्थाई खेड़ा की ओर पद विहार कर दिया जहां बुधवार को श्री सुधा सागर धाम का शिलान्यास नगर के श्रावक श्रेष्ठी श्री निर्मल कुमार अथाईखेडा परिवार द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही संत निवास एवं धर्मशाला की भी आधार शिला रखी जाएगी। जिससे भविष्य में निकलने वाले सभी यात्रियों को श्री संत सुधा सागर धाम में विश्राम के साथ ही अंचल की वंदना करने में सुकून मिलता रहेगा। इस हेतु स्थानीय समाज द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है। मंगलवार को मुनिश्री सुधासागरजी ससंघ का रात्रिकालीन विश्राम गुपलिया मौलाडेम पर हो रहा है। प्रातःकाल की वेला में अथाई खेड़ा में मंगल प्रवेश होगा।

कलशारोहण समारोह का हुआ भव्य आयोजन

इसके पूर्व मंगलवार को प्रातः काल की वेला में विदत श्री अमन शास्त्री एवं अभिषेक शास्त्री के मंत्रोचार के साथ मंगलाष्टक पाठ एवं प्रतिष्ठा की मुख्य क्रिया की गई।

इसके बाद मुनि श्रीसुधासागरजी ससंघ के सान्निध्य में मुख्य वेदिका पर श्री जी विराजमान करने का सौभाग्य रमेशचन्द्र, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, मोनू जैन सीमेन्ट परिवार को मंदिर के शिखर पर कलशा रोहण का सौभाग्य अतरेजी सरपंच धर्मेन्द्र कुमार टिक्कू को मिला। ध्वजारोहण का सौभाग्य सुरेश चन्द्र रिक्कू ओड़ेर, श्री जी को नवीन वेदी पर विराजमान करने का सौभाग्य जिनेश कुमार सौरभ ओडेर परिवार सहित अन्य भक्तों को मिला। जिनका सम्मान जैन समाज अध्यक्ष बाबूलाल जैन, मनोज, सरपंच मोनू ओड़ेर, संजीव रिक्कू सहित अन्य प्रमुखजनों ने किया। देर शाम को मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ ने अथाई खेड़ा की ओर पद विहार कर दिया।

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