स्थानीय श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सकल जैन समाज और जिनवाणी महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित 48 दिवसीय भक्तामर महामंडल विधान धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। 30 अप्रैल से शुरू हुए इस पावन अनुष्ठान के 20वें दिन विभिन्न मांगलिक और धार्मिक क्रियाएं सानंद संपन्न हुईं। चिखली से पढ़िए, यह खबर…
चिखली। स्थानीय श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सकल जैन समाज और जिनवाणी महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित 48 दिवसीय भक्तामर महामंडल विधान धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। 30 अप्रैल से शुरू हुए इस पावन अनुष्ठान के 20वें दिन विभिन्न मांगलिक और धार्मिक क्रियाएं सानंद संपन्न हुईं। इस संगीतमय विधान के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम में विशेष पुण्य अर्जित करने वाले सौधर्म इंद्र और शची इंद्राणियों का उपस्थित धर्मानुरागी समाजजनों द्वारा भावभीना बहुमान किया गया। इस पावन अवसर पर सौधर्म इंद्र बनने का परम सौभाग्य श्रद्धा ताई एवं देशाभूषण रुद्राक्ष चिखली और उनके परिवार को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात मंत्रोच्चार के साथ भगवान की दिव्य महाशांतिधारा की गई। अभिषेक और महाशांतिधारा करने का सौभाग्य पुण्यार्जक देशाभूषण रुद्राक्ष, सौधर्म वायकोस और मनीषा ताई सोनटक्के को मिला।
श्रद्धालुओं ने इस मंगलमय घड़ी का साक्षी बनकर अपने जीवन को धन्य किया। संध्याकाल में आयोजित महाआरती आकर्षण का केंद्र रही। आरती में 48 दीपकों को प्रज्वलित कर भक्तामर स्तोत्र के महामंत्रों का पाठ किया गया। दीपों की रोशनी और मंत्रों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। सकल जैन समाज चिखली ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे प्रतिदिन आयोजित हो रहे इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होकर धर्म लाभ और पुण्य अर्जित करें।













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