दीक्षा महोत्सव समिति ने मंगलवार को दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर मुनि श्री निष्पक्ष सागरजी महाराज और मुनिश्री निस्पृह सागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति सदस्यों ने सफल एवं ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव का श्रेय आचार्य भगवान एवं मुनि श्रीसंघ को समर्पित करते हुए आयोजन के दौरान हुए विविध कार्यक्रमों तथा सर्व समाज की सहभागिता की जानकारी दी। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…
रामगंजमंडी। दीक्षा महोत्सव समिति ने मंगलवार को दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर मुनि श्री निष्पक्ष सागरजी महाराज और मुनिश्री निस्पृह सागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति सदस्यों ने सफल एवं ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव का श्रेय आचार्य भगवान एवं मुनि श्रीसंघ को समर्पित करते हुए आयोजन के दौरान हुए विविध कार्यक्रमों तथा सर्व समाज की सहभागिता की जानकारी दी। इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए मुनि निष्पक्ष सागर जी महाराज ने कहा कि संतति से ही संस्कृति की रक्षा होगी और समाज का वर्चस्व बनाए रखने के लिए एकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एकता से वर्चस्व बनता है और वर्चस्व से सबका कल्याण संभव होता है। जैन समाज जीव मात्र की रक्षा और मैत्री भाव के सिद्धांतों पर चलने वाला समाज है। जैसे-जैसे समाज की संख्या और प्रभाव बढ़ेगा, वैसे-वैसे विश्व में शांति और सद्भाव का विस्तार होगा। मुनि श्री ने कहा कि दीक्षा महोत्सव में सभी ने एकजुट होकर कार्य किया, जिससे आनंद कई गुना बढ़ गया। सर्व समाज के लोगों ने भी आयोजन से जुड़कर जैन सिद्धांतों, त्याग और संयम की भावना को समझा तथा उसका अनुसरण किया। उन्होंने जनगणना के संदर्भ में समाज को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि सभी अपने धर्म के कॉलम में “जैन” लिखें।
आयोजन पूरे शहर का कार्यक्रम बनकर इतिहास में दर्ज
मुनिश्री निस्पृह सागर जी महाराज ने कहा कि जनगणना के दौरान सामूहिकता से काम करे टोलिया बना कर घर-घर संपर्क करें, और अपनी गौत्र और उप जाति, धर्म सभी कालम में जैन लिखे। इसके तात्कालिक और दूरगामी परिणाम बहुत लाभ दायक होगे। जहां सामूहिकता होती है, वहां प्रसन्नता और उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। दीक्षार्थी के दादा राजेंद्र मेहता, संदीप मेहता द्वारा निशुल्क जैन नसिया जी उपलब्ध करवाने तथा सुप्रभात समूह द्वारा समर्पित भाव से दी गई सेवाओं की सराहना की। समिति संयोजक तेजमल सर्राफ ने कहा कि पूरे शहर ने इस आयोजन को अपना कार्यक्रम मानकर दीक्षार्थी का स्वागत किया और तन-मन से सेवाएं प्रदान कीं। दीक्षा महोत्सव समिति के सचिव वीरेंद्र जैन ने कहा कि सकल जैन समाज की एकता का बीज नवकार महामंत्र रथ यात्रा के दौरान पूज्य मुनि श्री के कर कमलों से रोपा गया था। दीक्षा महोत्सव में वही एकता विशाल स्वरूप में दिखाई दी और सर्व समाज इसके साथ जुड़ गया। यही कारण है कि यह आयोजन पूरे शहर का कार्यक्रम बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।
इनकी मौजूदगी रही उल्लेखनीय
इस अवसर पर समिति संरक्षक हुकुम बाफना, ज्ञानचंद डांगी, धर्मचंद सकलेचा, प्रकाश धारीवाल, प्रदीप चतर, वर्धमान डांगी, राहुल चतर, सुनील चंडालिया, संजय बिजावत, अधिवक्ता विशाल जैन, महावीर धूपिया एवं हरेश पतिरा लोकेश धूपिया सहित श्वेतांबर जैन समाज बंधु उपस्थित रहे। दिगंबर समाज प्रतिनिधि दीपक शाह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक शक्ति और सेवाभाव ने इस आयोजन को भव्य एवं ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने कहा कि धन्यवाद के वास्तविक पात्र दीक्षा महोत्सव आयोजन समिति, मेहता परिवार और दीक्षार्थी हैं, जिनकी वजह से सभी को सेवा और अनुमोदना का यह पुण्य लाभ प्राप्त हुआ।













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