समाचार

मुरैना में जन्मे ज्ञानसागर का 70वां अवतरण दिवस 1 मई को : त्रिदिवसीय समारोह में जैन मित्र मंडल करेगा विभिन्न आयोजन

मुरैना। जैन मंडल मुरैना द्वारा समाधिस्थ आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज का 70वां अवतरण दिवस त्रिदिवसीय समारोह 1 से 3 मई तक ज्ञानतीर्थ एवं नगर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। त्रिदिवसीय अवतरण दिवस के संदर्भ में जैन मित्र मंडल द्वारा विगत दिवस बड़ा जैन मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष महेशचंद्र जैन बंगाली के निज निवास पर बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें सर्वसम्मति से आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज का 70वां अवतरण दिवस त्रिदिवसीय समारोह धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। मित्र मंडल की बैठक में 1 से 3 मई तक समारोह के संचालन के लिए महेशचंद्र बंगाली को मुख्य संयोजक एवं सुनीत जैन ठेकेदार को संयोजक मनोनीत किया गया।

ज्ञानतीर्थ पर होगा मुख्य आयोजन

आचार्य ज्ञानसागर अवतरण दिवस त्रिदिवसीय समारोह समिति के मुख्य संयोजक एवं बड़ा मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष महेशचंद्र जैन बंगाली और सुनीत जैन ठेकेदार संयोजक ने बताया कि समारोह के प्रथम दिन एबी रोड हाइवे पर स्थित ज्ञानतीर्थ जिनालय में शुक्रवार 1 मई को प्रातः 6 बजे से श्री आदिनाथ स्वामी के अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, गुरुदेव की पूजन, चरणों का पाद प्रक्षालन, प्रभात फेरी, ज्ञानतीर्थ परिक्रमा, गुणगान सभा के पश्चात शीतल जल, शरबत एवं भोजन वितरण किया जाएगा। द्वितीय दिन शनिवार 2 मई को नगर में जीवदया एवं परोपकारी कार्यों के तहत गौसेवा एवं पक्षियों के दाने के साथ साथ पानी हेतु सकोरों का वितरण किया जाएगा। तृतीय दिन रविवार 3 मई को मुरैना नगर में विभिन्न स्थानों पर शीतल जल की प्याऊंओ का शुभारंभ किया जाएगा।

ज्ञानतीर्थ महा आराधक परिवार करेगा प्रसादी का वितरण

ज्ञानतीर्थ परिवार के जिनेश जैन कालू ने बताया कि आचार्यश्री के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर बड़े जैन मंदिर के गेट पर श्री ज्ञानतीर्थ महाराधक परिवार द्वारा1 मई को प्रसादी एवं मीठे जल का वितरण करेगा। इस अवसर पर शाम को महाआरती एवं महिला मंडलों द्वारा भजन संध्या का आयोजन भी रखा गया है।

ज्ञानतीर्थ आवागमन के लिए रहेगी निःशुल्क वाहन व्यवस्था

आचार्यश्री ज्ञानसागर अवतरण दिवस पर 1 मई को ज्ञानतीर्थ आने जाने के लिए जैन मित्र मंडल मुरैना द्वारा बड़े जैन मंदिर एवं नसियांजी मंदिर में निःशुल्क वाहन व्यवस्था की गई है। समारोह में उपस्थित सभी के लिए कार्यक्रम समापन पश्चात वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया है।

समाधिस्थ आचार्यश्री ज्ञानसागर परिचय

मुरैना की पावन धरा पर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के श्रावक श्रेष्ठी शांतिलाल अशर्फी देवी जैन (बिचपुरी वाले) के यहां वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 01 मई 1957 को बालक उमेश का जन्म हुआ था। बालक उमेश ने 18 बर्ष की अल्पायु में गृह त्याग के साथ ब्रह्मचर्य व्रत स्वीकार कर संयम के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। बालक उमेश ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर दान 1988 में श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी ने मासोपवासी आचार्यश्री सुमति सागरजी महाराज से मुनि दीक्षा लेकर आत्मकल्याण का मार्ग स्वीकार किया। दीक्षा उपरांत आपने संपूर्ण भारतवर्ष में सत्य, अहिंसा, शाकाहार का प्रचार प्रसार कर जन मानस को संयम पथ का पाठ सिखाया। आप उपाध्याय एवं आचार्य पद पर आसीन होकर छाणी परंपरा में षष्ठ पट्टाचार्य हुए और भगवान महावीर स्वामी निर्वाण कल्याणक पर अतिशय क्षेत्र वाराँ राजस्थान में समाधि पूर्वक देवलोक गमन किया। आचार्य ज्ञानसागर जी की प्रेरणा से विभिन्न स्थानों पर नवीन जिनालय, विद्यालय, पाठशाला, गुरुकुल के निर्माण के साथ साथ पुराने तीर्थों का जीर्णोद्धार के कार्य हुए। मुरैना नगर में एबी रोड हाइवे पर स्थित ज्ञानतीर्थ जिनालय का निर्माण भी आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से ही हुआ है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
4
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page