धर्मनगरी आगरा एक बार फिर आस्था, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगी नजर आई, जब श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय, आदर्श नगर बल्केश्वर के श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 23 अप्रैल को अत्यंत भव्यता और धार्मिक गरिमा के साथ हुआ। आगरा से पढ़िए, यह खबर…
आगरा। धर्मनगरी आगरा एक बार फिर आस्था, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगी नजर आई, जब श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय, आदर्श नगर बल्केश्वर के श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 23 अप्रैल को अत्यंत भव्यता और धार्मिक गरिमा के साथ हुआ। एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत ग्राउंड स्थित अयोध्या नगरी के विशाल पांडाल में इस महोत्सव की शुरुआत प्रातःकाल जैन धर्मशाला, कचौड़ा बाजार बेलनगंज से निकली भव्य रथयात्रा, शोभायात्रा एवं घटयात्रा के साथ हुई। जिसने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। उपाध्याय श्री विहसंतसागरजी एवं मुनि श्री विश्वसाम्यसागर जी ससंघ के मंगल सानिध्य में निकली इस शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रातः 7 बजे आरंभ हुई यात्रा में बैंडबाजों की मधुर धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज, ऊंट-घोड़ों की आकर्षक उपस्थिति और विविध धार्मिक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। लगभग 500 मांगलिक महिलाएं सिर पर कलश धारण कर अनुशासित ढंग से घटयात्रा में शामिल हुईं, जो श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत प्रतीक बनीं।
शोभायात्रा में भगवान के माता-पिता, सौधर्म इंद्र, महायज्ञनायक, कुबेर, यज्ञनायक सहित विभिन्न पात्रों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। 56 कुमारिकाएं, अष्ट देवियां, सौभाग्यवती महिलाएं एवं भगवान की सह-बुआओं के लिए विशेष सिटिंग प्लेटफॉर्म युक्त झांकियां सजाई गईं।
आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को अभिभूत किया
आगरा के प्राचीन घोड़े वाले रथ पर श्रीजी को विराजमान कर भव्यता के साथ मेला स्थल तक लाया गया। रथ के आगे पूज्य उपाध्याय श्री विहसंतसागरजी ससंघ स्वयं विहार करते हुए चल रहे थे। वहीं नगर के प्रमुख श्रेष्ठी, समाजसेवी एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उनके साथ चल रहे थे। निर्धारित समय पर यह यात्रा अयोध्या नगरी स्थित पांडाल में पहुंची, जहां रोहित जैन अहिंसा एवं रचित जैन अहिंसा परिवार द्वारा विधिवत ध्वजारोहण किया गया। पंडाल का उद्घाटन डॉ. अरिंजय जैन द्वारा तथा मुख्य मंच का उद्घाटन निर्मल जैन मोठया एवं वीरेंद्र मोठया परिवार द्वारा किया गया। प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार निशांत भैया जी एवं संदीप जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में आचार्य निमंत्रण, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन हुए। इसके उपरांत दोपहर 1 बजे से संकल्प, प्रतिष्ठा विधान, मंडप प्रतिष्ठा, मंगल कलश स्थापना, जाप-अनुष्ठान एवं नित्य नियम जैसे मांगलिक कार्यक्रम हुए। भगवान का कलशाभिषेक कर विधिपूर्वक महोत्सव का शुभारंभ किया गया। विशाल पांडाल की आकर्षक सज्जा, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को अभिभूत कर दिया।
चंपक कुमारिकाओं द्वारा 16 स्वप्नों का मनोहारी प्रदर्शन
इस अवसर पर उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी मुनिराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा के उत्थान और जीवन में संस्कारों के जागरण का महापर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान के जीवन के पंच कल्याणक हमें त्याग, संयम, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। महोत्सव के प्रथम दिवस दोपहर में सीमंतोन्नयन क्रिया (माता की गोद भराई) एवं नवीन प्रतिमाओं की सुगंधित द्रव्यों से आकार शुद्धि तथा गर्भ कल्याणक की पूजन विधि हुई। वहीं रात्रि में श्रीजी की महाआरती, गर्भकाल लाना एवं इन्द्रसभा की भव्य प्रस्तुति हुई। जिसमें अष्ट कुमारिकाओं द्वारा तीर्थंकर माता की सेवा तथा चंपक कुमारिकाओं द्वारा 16 स्वप्नों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया। पहली बार विशाल एलइडी वॉल पर इंद्र दरबार एवं राजदरबार के जीवंत दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तीर्थंकर बालक का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा
पूरे आयोजन में अनुशासन, भव्यता और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संचालन मनोज बाकलीवाल एवं उमेश जैन भिंड वाले द्वारा किया गया। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन 24 अप्रैल को प्रातः 6 बजे से अयोध्या नगरी में तीर्थंकर बालक का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर निर्मल मोठया,रोहित जैन अहिंसा, हीरालाल बैनाड़ा,रजत जैन, पंकज जैन, पारस जैन कंसल, राजीव जैन, सुमेर जैन पांड्या, नरेंद्र कुमार जैन, मनोज जैन बल्लो, प्रवीण कुमार जैन, पारसदास जैन, दीपक जैन, विशाल जैन, कमल जैन, विष्णु भगवान जैन, अंकेश जैन, आकाश जैन, मनीषराज जैन, अलंकृत जैन, उषा मारसंस, खुशबू जैन, बबीता जैन उपस्थित रहे।













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