पावागिरी सिद्ध क्षेत्र ऊन में रविवार को मुनिसुव्रत नाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक एवं मंदिर निर्माण को एक वर्ष पूर्ण होने पर विधान एवं महामस्तकाभिषेक किया गया। ऊन से पढ़िए, छोटेलाल धीमान की यह खबर…
ऊन। पावागिरी सिद्ध क्षेत्र ऊन में रविवार को मुनिसुव्रत नाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक एवं मंदिर निर्माण को एक वर्ष पूर्ण होने पर विधान एवं महामस्तकाभिषेक किया गया। पावागिरी ऊन के प्रचार मंत्री आशीष जैन, ट्रस्टी मनीष जैन ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य पंडित धर्मचंद शास्त्री अष्टापद दिल्ली, पंडित नितिन झांझरी इंदौर के मार्गदर्शन में क्षेत्र के महामंत्री अशोक चंदा झांझरी भीकनगांव द्वारा सुबह मुनि सुव्रतनाथ विधान भक्ति भाव से संगीत के साथ प्रारंभ हुआ। सन्मति काका ने बताया कि सर्वप्रथम अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम, पूजन के बाद आचार्य विपणत सागर जी द्वारा रचित विधान प्रारंभ हुआ। सभी श्रद्धालुओं ने मुनि सुव्रतनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा के समक्ष मंडल पर अर्घ्य समर्पित कर पुण्य अर्जन किया। विधान के बाद मुनि सुव्रतनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा एवं चौबीसी की 24 प्रतिमाओं पर मस्तकाभिषेक एक साथ किया गया । नारियल, चंदन से अभिषेक के बाद शांतिधारा हुई।
इनका योगदान सराहनीय रहा
ट्रस्ट के अध्यक्ष हेमचंद झांझरी ने आभार माना।
संजय बडुद, सुनील ठेकेदार, अरुण धनोते, कमलेश मंडलोई, सुधीर चौधरी, अतुल कासलीवाल, पारस कासलीवाल, मनीष दोषी, महेंद्र बैंक, कैलाशचंद जटाले, ब्रह्मचारी ऊषा दीदी आदि का योगदान सराहनीय रहा।













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