श्वेतांबर संत आचार्य श्री मणिप्रभ सुरीश्वरजी का वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए रविवार की बेला में नगर आगमन हुआ। पूर्व संध्या पर आचार्य प्रवर का मित्तल आवास पर आगमन हुआ, जहां संजय मित्तल ,मिथुन मित्तल टीकम मित्तल परिवार एवं भक्तों ने उनकी अगवानी की। रामगंजमंडी से अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…
रामगंजमंडी। श्वेतांबर संत आचार्य श्री मणिप्रभ सुरीश्वरजी का वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए रविवार की बेला में नगर आगमन हुआ। पूर्व संध्या पर आचार्य प्रवर का मित्तल आवास पर आगमन हुआ, जहां संजय मित्तल ,मिथुन मित्तल, टीकम मित्तल परिवार एवं भक्तों ने उनकी अगवानी की। आचार्य प्रवर के दर्शन पाकर मित्तल परिवार मौजूद भक्त हर्षित हुए। गुरुदेव की मधुर मुस्कान उनके दोनो हाथों से मिले आशीर्वाद से सभी गदगद हो उठे। आचार्य प्रवर का रात्रि विश्राम मित्तल आवास पर हुआ। मौजूद भक्तों को दिव्य संदेश देते हुए आचार्य प्रवर ने कहा कि नगर में तीसरी बार आना हुआ है। उन्होंने आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्रीसंघ अध्यक्ष राजकुमार पारख के कार्य की जमकर तारीफ की और कहा कि लगन निष्ठा कर्मठता उनके जैसी होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दान दो तो प्रशंसा के साथ दो, दु:खी होकर नहीं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई कार्य करो लगन निष्ठा के साथ और एकाग्र होकर करो सफलता अवश्य मिलेगी। लोग एक साथ दो काम करते है खाना खाते हैं मोबाइल चलाते हैं तो वह कारगर नहीं होगा। व्यापार करे तो पूरे मन और एकाग्र लगन के साथ करे सफलता अवश्य मिलेगी। वर्तमान में हो रहे युद्ध के विषय में कहा कि आज जो युद्ध हो रहा है, उसका मुख्य कारण अहम और स्वार्थपरता है, इसे छोड़ना होगा तभी शांति संभव है।













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