नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम दिवस के 71 वर्ष होने पर समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की और माताजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। धामनोद से पढ़िए, यह खबर..
धामनोद/धार। नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम दिवस के 71 वर्ष होने पर समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की और माताजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। समाज सेवी प्रीति जैन, सुरक्षा जैन और पीयूष जैन ने अर्घ्य समर्पित करवाया। इस दौरान प्रीति पीयूष जैन ने अपनी भावांजलि में गणिनी ज्ञान मती माताजी के बारे कहा कि माताजी जैन समाज की धरोहर, जिन्होंने अपने ज्ञान से जैन समाज को दिशा-दर्शन दिया। जो धर्म की अलख जगाई। तीर्थों की रक्षा की और उनको जीवंतता प्रदान की। जो ऐतिहासिक हैं। इस अवसर दीपक प्रधान ने कहा कि हम लोगों का पुण्य का उदय हुआ, जब अयोध्या की पावन भूमि पर जाने का स्वर्णिम अवसर आया। माताजी सुदृढ़ जी की माताजी मधु सराफ थी। उनकी दीक्षा देखने का पुण्य अवसर आया। जब माताजी ने अपने हाथों से दीक्षा प्रदान की। जब माताजी से मिले और आशीर्वाद मिला और प्रमुख चन्दना मति माताजी का भी आशीर्वाद और बाल ब्रह्मचारी स्वामी जी रविन्द्र कीर्ति जी से आशीर्वाद लिया। अयोध्या की व्यवस्था इतनी जोरदार हैं। अयोध्या तीर्थ में डॉ. जीवन प्रकाश जी का भी आशीर्वाद मिलता है। अयोध्या की गतिविधियों से अवगत कराते हैं। इस अवसर सुरेशचंद जैन, अनिल जैन, अजय जैन, राजेश जैन, सुनील जैन, डॉ. प्रकाश कियावत, जिनेंद्र जैन, नरेंद्र महान, राकेश जैन, दीपांशु जैन, पंडित नितिन जैन, कांता बड़कुल, मीना जैन, उषा जैन, शोभा जैन, किरण बाई जैन भी थी। संचालन दीपक प्रधान ने किया।













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