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व्यक्ति की नहीं गुणों की होती है पूजा : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा – जैसा आपका व्यवहार होगा वैसा साधु का व्यवहार होगा, विजयनगर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुई मंगल देशना


भगवान आदिनाथ जन्म कल्याणक से महावीर जयंती पर निरंतर 20 दिनों तक पदयात्रा के दौरान शनिवार सुबह तुलसीनगर से अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने विहार करते हुए विजयनगर स्थित पंच बालयति दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। मुनिश्री का समाजबंधुओं ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। इंदौर से पढ़िए, प्रीतम लखवाल की यह खबर….


इंदौर। भगवान आदिनाथ जन्म कल्याणक से महावीर जयंती पर निरंतर 20 दिनों तक पदयात्रा के दौरान शनिवार सुबह तुलसीनगर से अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने विहार करते हुए विजयनगर स्थित पंच बालयति दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। मुनिश्री का समाजबंधुओं ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। यहां भगवान के दर्शन कर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी के साथ समाज बंधुओं ने बैंडबाजों के साथ विजयनगर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर की ओर से प्रस्थान किया। इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग में मुनिश्री का जगह-जगह पर पाद प्रक्षालन और पूजन हुआ। समाजबंधु और श्रावक-श्राविकाएं गुरुदेव के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। विजयनगर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पहुंचने पर मुनिश्री के सानिध्य में भगवान आदिनाथ जी और मुनिश्री के जयकारों से परिसर गूंज उठा। भक्तों ने मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज की आरती और पाद प्रक्षालन किए। यहां पर मुनिश्री के सानिध्य में पुण्यार्जक हंसमुख गांधी,धर्मेंद्र सिनकेम, जितेंद्र जैन, नमिष जैन द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर धर्मेंद्र सिनकेम, जितेंद्र जैन, नमीष जैन,संजय बडजात्या सुशील पंड्या, राजेंद्र सोनी, संजय पापड़ीवाल, दिलीप पाटनी, सुगनचंद, प्रदीप जैन, मनोहर झांझरी, राकेश विनायका, विपुल अजमेरा, आशीष सूतवाला, रितेश पाटनी, मनीष जैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।

अपने चरित्र को उज्ज्वल कर लेना चाहिए

पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर विजय नगर में अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने मंगल देशना देते हुए के कहा कि भगवान आदिनाथ और भगवान महावीर में यह अंतर है कि भगवान आदिनाथ जी के काल में प्रेम, सद्भाव, संयम और त्याग आदि की शिक्षा का दौर रहा। भगवान महावीर के समय में हुए बदलावों के कारण दंड विधान का प्रावधान हुआ। बस यही फर्क है। मुनिश्री ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि जैसा आपके संस्कार होंगे, जैसा चरित्र होगा। वैसे साधु के संस्कार और चरित्र होगा। इसलिए अपने चरित्र को इतना उज्ज्वल कर लेना चाहिए कि साधुचार्य भी उसी अनुरूप हो जाए।

मुनि श्री ने आशीर्वाद प्रदान किया

मुनिश्री पूज्यसागर जी ने दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, सामाजिक संसद कीर्ति स्तंभ के पदाधिकारियों सहित उपस्थित समुदायजनों सहित विजयनगर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के पदाधिकारियों और उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को अपने मंगल आशीष से नवाजा। कार्यक्रम में सामाजिक संसद के चुनाव में प्रत्याशी दिलीप पाटनी का यहां भी समाजजनों ने बहुमान किया इस अवसर पर दिलीप पाटनी ने समाजबंधुओं से कहा कि वह समाज के लिए कार्य और सेवा करने का संकल्प दोहरा रहे हैं। उन्होंने अपना अमूल्य मत उन्हें देकर विजय बनाने की समाज बंधु और बहनों से अपील की।

यात्रा में इनका मिल रहा सहयोग

नमिष जैन, वितुल अजमेरा, विपुल बांझल, आशीष जैन, भूपेंद्र जैन, एमके जैन, राजेंद्र सोनी, प्रिंसपाल टोंग्या, राजू अलबेला का सहयोग यात्रा में मिल रहा है। यात्रा के विशेष सहयोगी संजय पापड़ीवाल, रितेश पाटनी, ऋषभ जैन, मनीष जैन, संजय जैन अहिंसा, पिंकेश बिलाला आदि हैं।

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