महावीर नगर स्थित श्री शांतिनाथ जिनालय में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी के जन्मकल्याणक दिवस (चैत्र कृष्ण नवमी) के अवसर पर 12 मार्च से 28 अप्रैल तक 48 दिवसीय भक्तामर विधान का भव्य आयोजन प्रारंभ हुआ है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
दाहोद। महावीर नगर स्थित श्री शांतिनाथ जिनालय में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी के जन्मकल्याणक दिवस (चैत्र कृष्ण नवमी) के अवसर पर 12 मार्च से 28 अप्रैल तक 48 दिवसीय भक्तामर विधान का भव्य आयोजन प्रारंभ हुआ है। इसी क्रम में अंतिम तीर्थंकर और अहिंसा के उपदेशक भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक महोत्सव का भी विशेष आयोजन किया जाएगा। आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातःकाल 48 दिनों तक भक्तामर काव्यों का विधान श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है, जिसमें दाहोद जैन समाज के 48 परिवार क्रमशः धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। वहीं प्रतिदिन सायं 7:30 बजे 48 मंडलों पर ऋद्धि मंत्रों के साथ कर्णप्रिय संगीतमय भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान का आयोजन हो रहा है। आचार्य मांगतुंग द्वारा रचित भक्तामर स्तोत्र के पठन के साथ 48 दीपकों द्वारा विशेष अनुष्ठान भी संपन्न किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दाहोद जैन समाज के सदस्य सपरिवार एवं इष्टमित्रों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रथम दिवस पर भगवान आदिनाथ स्वामी के जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष अभिषेक, शांतिधारा और विधान आयोजित किया गया।

इस अवसर पर पंडित राजकुमार ने श्रद्धालुओं एवं समाजजनों को उपदेश देते हुए विधान के महत्व की जानकारी दी। प्रथम दिवस के पुण्यार्जक परिवारों में अखंड दीपक का लाभ डिम्पल बेन-रवि भाई पंचोली परिवार ने प्राप्त किया। ध्वजारोहण का लाभ अनीता बेन-रतनलाल जैन परिवार को मिला, जबकि मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य उर्मिला बेन-महावीर प्रसाद जैन परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं विधान एवं अनुष्ठान का लाभ रचना बेन-चिराग भाई दोषी परिवार ने प्राप्त किया।













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