अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
नवागढ़। अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। क्षेत्र के पदाधिकारियों, श्रद्धालुओं तथा गुरुकुलम् के छात्रों और शिक्षकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
अरनाथ भगवान के दर्शन कर प्राप्त किया धर्मलाभ
अपने प्रवास के दौरान जमनालाल हपावत ने क्षेत्र में स्थित सातवीं शताब्दी के भौंयरे से प्रकटित अतिशयकारी एवं चमत्कारी भगवान अरनाथ के दर्शन किए। उन्होंने आरती और ध्यान कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा मंदिर परिसर में कुछ समय आध्यात्मिक चिंतन में भी व्यतीत किया।
प्राचीन विरासत और मानव सभ्यता के आयामों का अवलोकन
मंदिर परिसर में संगृहीत लगभग पांच लाख वर्ष प्राचीन मानव सभ्यता के क्रमिक विकास से जुड़े विशेष आयामों का उन्होंने अवलोकन किया। क्षेत्र की प्राचीनता, धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक विरासत को देखकर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया तथा यहां की व्यवस्थाओं का गंभीरता से निरीक्षण करते हुए उनकी सराहना भी की।
गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद
इसके पश्चात उन्होंने श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। छात्रों से चर्चा करते हुए उन्होंने जीवन में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् जैसे संस्थान केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों में संस्कार, नैतिकता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का भी विकास करते हैं।
विद्यार्थियों को दिए जीवन निर्माण के संदेश
जमनालाल हपावत ने विद्यार्थियों को परिश्रम, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन को अनुशासन और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पुनः परिवार सहित आने का व्यक्त किया संकल्प
इस अवसर पर उन्होंने पुनः परिवार सहित नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा और विधान करने का भाव भी व्यक्त किया।
गुरुकुलम् का उद्देश्य संस्कारयुक्त शिक्षा देना
कार्यक्रम में गुरुकुलम् के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में श्रेष्ठ चरित्र, संस्कार और आत्मानुशासन का विकास करना है। उन्होंने बताया कि यहां विद्यार्थियों को आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के साथ तैयार किया जाता है, ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बन सकें।
पदाधिकारियों ने किया सम्मान और अभिनंदन
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र कमेटी के महामंत्री वीरचंद्र जैन नैकोरा, गुरुकुलम् के मंत्री अशोक मैनवार तथा गुरुकुलम् के शिक्षकों ने जमनालाल हपावत का सम्मान कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया। वीरचंद्र जैन नैकोरा ने उनके अमूल्य विचारों और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पावन आगमन से समस्त क्षेत्र में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। कार्यक्रम का समापन धर्म, शिक्षा और संस्कारों के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ।
संगीतमय भक्ति और भक्तामर स्तोत्र की आराधना
कार्यक्रम के अंतर्गत रात्रि में स्थानीय भजन मंडलियों द्वारा भगवान की संगीतमय भक्ति की गई तथा 48 दीपों से भक्तामर स्तोत्र की आराधना की गई। मंडल विधान में पूजन सामग्री देने का सौभाग्य कोमल जैन और आशीष झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।
बड़े मंदिर और णमोकार धाम में भी हुए विशेष कार्यक्रम
वहीं बड़े मंदिर में प्रातःकाल भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया, जबकि णमोकार धाम में भी भक्तों द्वारा वृहद स्तर पर पंचामृत अभिषेक और पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।













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