चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र पर विराजित मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी और मुनि श्री निस्पृह सागर जी महाराज ने रामगंज मंडी में कल रात्रि को हुए अतिशय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी तो आपके नगर में अतिशय की शुरुआत मात्र हुई है। रामगंजमंडी से अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…
रामगंजमंडी। चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र पर विराजित मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी और मुनि श्री निस्पृह सागर जी महाराज ने रामगंज मंडी में कल रात्रि को हुए अतिशय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी तो आपके नगर में अतिशय की शुरुआत मात्र हुई है। अभी तो यहां ऐसे अनेक अनेक अतिशय होने है। मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी महाराज ने कहा कि जब अत्यंत विशुद्धि के साथ सामूहिक रूप से जिनेंद्र भगवान की भक्ति करते हैं तो ऐसे अतिशय स्वाभाविक रूप से घटित होते हैं। ऐसे समय में हमें लगता है कि हम केवल अकेले ही आराधना कर रहे हैं लेकिन उस वक्त हमारे साथ अन्य देवी देवता भी भक्ति करने आते हैं वे देवता गण ही ऐसे अतिशय सम्पन्न करते हैं।
रामगंजमंडी का समाज इस बार एक विशेष लक्ष्य के साथ भगवान के जीर्णोद्धार की भावना लिए जाप अनुष्ठान कर रहा है सब को हमारा मंगल आशीर्वाद। मुनि श्री निस्पृह सागर जी ने कहा ” रामगंजमंडी नगर का मंगलाचरण हो चुका है। आप ऐसे ही भक्ति बनाए रखे। यह तो शुरुआत मात्र है। उल्लेखनीय है मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी महाराज अल्प प्रवास हेतु चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र में विराजमान है। मुनि संघ का रामगंजमंडी में शीघ मंगल प्रवेश संभावित है।













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