अतिशय श्री क्षेत्र होम्बुज में भगवान पार्श्वनाथ तीर्थंकर और जगन्माता यक्षी पद्मावती देवी की वार्षिक महारथ यात्रा महोत्सव का आयोजन 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक किया जाएगा। यह आयोजन परमपूज्य जगद्गुरु डॉ. देवेन्द्रकीर्ति भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामीजी के नेतृत्व में सम्पन्न होगा। संपादक रेखा संजय जैन की पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
होम्बुज (कर्नाटक)। अतिशय श्री क्षेत्र होम्बुज में भगवान पार्श्वनाथ तीर्थंकर और जगन्माता यक्षी पद्मावती देवी की वार्षिक महारथ यात्रा महोत्सव का आयोजन 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक किया जाएगा। यह आयोजन परमपूज्य जगद्गुरु डॉ. देवेन्द्रकीर्ति भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामीजी के नेतृत्व में सम्पन्न होगा। महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम और वाहन उत्सव आयोजित किए जाएंगे। 9 मार्च, सोमवार को रात 8 बजे नागवाहनोत्सव से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। 10 मार्च, मंगलवार को रात 8 बजे सिंहवाहनोत्सव आयोजित किया जाएगा। 11 मार्च, बुधवार को रजत रथोत्सव और पुष्प रथोत्सव का आयोजन होगा, जबकि 12 मार्च, गुरुवार को भव्य महा रथोत्सव निकाला जाएगा।

13 मार्च, शुक्रवार को महाभिषेक और सुबह 11 बजे संघ पूजा का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का समापन 14 मार्च, शनिवार को कुम्कुमोत्सव और ध्वजावरोहण के साथ होगा। महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
विधि-विधान से कराया जाता है प्रवेश
नया रथ पांच-छह वर्ष पुराना है, जबकि इससे पहले वाला रथ 500 साल पुराना था और लकड़ी का बना हुआ था। रथ में भगवान पार्श्वनाथ और पद्मावती माता के जीवन चरित्र को उत्कीर्ण किया गया है। रथयात्रा से पहले भगवान की पूजा होती है और फिर माता पद्मावती से मन्नत मांगी जाती है। पूरा दिन रथ चलाने के बाद शाम को माताजी के मंदिर के सामने कार्यक्रम होते हैं, जिसमें माताजी को पूरा दिन गांव में घूमने के बाद मंदिर में प्रवेश के लिए आग्रह किया जाता है। इसके बाद मंत्रोच्चार और विधि-विधान से उन्हें प्रवेश कराया जाताह है।














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