त्रिनेत्रोदय अतिशय क्षेत्र श्री 1008 शातिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की पावन एवं गौरवशाली धरती सलेहा (मध्यप्रदेश), जहां मुनि श्री अनुपम सागर जी, मुनि श्री विनिशोध सागर जी, मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज तथा आर्यिका विन्ध्यश्री माताजी का जन्म हुआ, वहीं अब धर्म का विराट महाकुंभ साकार हुआ है। सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
सलेहा (मध्यप्रदेश)। त्रिनेत्रोदय अतिशय क्षेत्र श्री 1008 शातिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की पावन एवं गौरवशाली धरती सलेहा (मध्यप्रदेश), जहां मुनि श्री अनुपम सागर जी, मुनि श्री विनिशोध सागर जी, मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज तथा आर्यिका विन्ध्यश्री माताजी का जन्म हुआ, वहीं अब धर्म का विराट महाकुंभ साकार हुआ है।
इस अवसर पर भव्यातिभव्य श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह आयोजन इस भूमि की तप, त्याग, साधना और आध्यात्मिक परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा। यह महा-महोत्सव आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं सान्निध्य में हो रहा है। सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव में शनिवार को केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया। भगवान की आहारचर्या हुई, नवीन वेदियों में आज भगवान विराजमान होंगे।
विशेष रूप से मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज की विचित्र बातों ने धर्म को सरल, प्रभावशाली और जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी वाणी ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन में आत्मचिंतन और जागृति का संचार किया है। पंचकल्याणक के विधिविधान, धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचनमाला एवं विश्वशांति महायज्ञ के माध्यम से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से आलोकित हो रहा है। सभी समाजजनों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा व्याप्त है। श्रद्धालुजन अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक महोत्सव के साक्षी बन रहे हैं।













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