श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पंचकल्याणक वेदी शिलान्यास भक्तिभाव से किया गया। सुबह नित्य नियम अभिषेक, विश्व में सुख शांति समृद्धि के लिये वृहद शांतिधारा की गई। लार से पढ़िए, यह खबर…
लार। श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पंचकल्याणक वेदी शिलान्यास भक्तिभाव से किया गया। सुबह नित्य नियम अभिषेक, विश्व में सुख शांति समृद्धि के लिये वृहद शांतिधारा की गई। इसके बाद भगवान का पूजन किया गया। सभी अनुष्ठान विधि विधान के साथ प्रतिष्ठाचार्य संजय जैन, गुणाशीष अहार एवं पं.कमल कुमार शास्त्री लार ने पूर्ण कराए। महोत्सव के मीडिया प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 28 मार्च से 2अप्रैल तक श्री 1008 मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक, मानस्तंभ जिनबिंब प्रतिष्ठा, विश्वशांति महायज्ञ एवं गजरथ महोत्सव आयोजित होगा। रविवार को दोपहर में घटयात्रा निकाली गई। महिलाएं सिर पर क्षीर से जल भर कर मंगल कलश लेकर लक्ष्मी गिरी भक्ति भजनों पर नृत्य करती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। ध्वजारोहण, भूमि शुद्धि के बाद प्रतिष्ठाचार्य द्वारा मंत्रों के उच्चारण के साथ ही धर्मावलंबियों की उपस्थिति में पंचकल्याणक वेदी शिलान्यास का कार्यक्रम भक्तिभाव से किया गया। आयोजन को सफल बनाने में लक्ष्मी राकेश गिरि पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, डोली जैन पूर्व अध्यक्ष महिला मोर्चा टीकमगढ़, रामलखन गौतम सरपंच, पवन जैन, डॉ.इंद्राकुमार जैन, राजेंद्र जैन शिक्षक बुडेरा, प्रो.राकेश जैन घुवारा, वीरेंद्र सपोन, राजकुमार जैन मबई, सियाराम गौतम एवं महामहोत्सव समिति निरंजन जैन विजय विसरद, पुष्पेंद्र,नीरज, अरविंद्रा सेठ एवं मंदिर कमेटी लार के दिनेश जैन, गौरभ जैन, हेमंत जैन का योगदान रहा। इस मौके पर टीकमगढ़, बड़ागांव, समर्रा, अहार जी, बुडेरा, अजनौर, सपोन, मुंबई आदि स्थानों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रतिष्ठाचार्य संजय जैन गुणाशीष अहार ने कहा कि पुण्यात्मा की संपत्ति ही पुण्य कार्य में लगती है। जब हमारा तीव्र पुण्य का उदय होता है और जन्म-जन्म के संचित पुण्य कर्म उदय में आते हैं, तब हमारे भाव दान करने के एवं महा महोत्सव में सम्मिलित होने के बनते हैं। भक्ति, शक्ति और समर्पण के इस संगम में सैकड़ों भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।











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