गजराजा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अजय जैन का विगत दिवस देवलोकगमन हो गया। उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप पार्थिव शरीर का दाह संस्कार न करते हुए मेडिकल के छात्रों के प्रैक्टिकल के लिए देहदान किया। मुरैना/ग्वालियर से मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना/ग्वालियर। गजराजा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अजय जैन का विगत दिवस देवलोकगमन हो गया। उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप पार्थिव शरीर का दाह संस्कार न करते हुए मेडिकल के छात्रों के प्रैक्टिकल के लिए देहदान किया। डॉ. अजय जैन के देवलोकगमन का समाचार सुनकर सभी लोग उनके निज निवास आजाद नगर मुरार पर एकत्रित हुए। सर्वप्रथम पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद देहदान के लिए अंतिम यात्रा गजराजा मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हुई। मुरार (ग्वालियर) निवासी जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के श्रावक श्रेष्ठी स्व. कैलाशचंद जैन (आरटीओ) के सुपुत्र डॉ. अजयकुमार जैन (ईएनटी) जीवनभर मरीजों का इलाज करते रहे। डॉक्टरी पेशा उनके लिए आज के डॉक्टरों की तरह उद्योग नहीं, बल्कि सेवा थी। यही सेवा का भाव वह मरने के बाद भी सिखा गए। अपनी देह गजराराजा मेडिकल कालेज (जीआरएमसी) को दान देकर। अब उनकी देह मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों के लिए प्रयोगशाला बनेगी। डॉ. जैन के इस त्याग के सामने पूरा ग्वालियर नतमस्तक हुआ। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ मेडिकल कालेज ने उनकी देह को स्वीकार किया। परिजनों ने भी डॉ. जैन की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मेडिकल कालेज को देह सौंप दी।

देहदान के समय यह रहे मौजूद
डॉ. अजय जैन एक लंबे समय तक जीआरएमसी के ईएनटी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे। बीमारी के चलते बुधवार शाम उनका निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को उसी मेडिकल कॉलेज में दान किया गया। जहां वे मेडिकल के छात्रों को पढ़ाते थे। देहदान के समय उनके भाई अनिल जैन, पुत्र अंकुर जैन, भतीजे आशु जैन, अलीश जैन, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. आरके एस धाकड़, चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश त्रिवेदी, डॉ. मनीष चतुर्वेदी, डॉ. दिनेश उदैनिया, डॉ. वीपी नावें, डॉ. ऋतु निगम, डॉ. राजेन्द्र टेहरिया और डॉ. रविंद्र बंसल, समाजसेवी, रिश्तेदार, इष्टमित्र एवं शुभचिंतक मौजूद थे।











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