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आचार्यश्री कनकनंदी की वेबिनार में 51 भक्त जुड़े: छह ढाला ग्रंथ और सम्यक दर्शन पर चर्चा


आचार्य कनकनंदीजी की वेबिनार में शनिवार को अपराह्न 51 भक्त जुड़े। आचार्य श्री ने सम्यक दर्शन पर विज्ञान आधारित प्रवचन दिए। तीन लोक में सार वीतराग, विज्ञानता आधारित छहढाला ग्रंथ पर आचार्य श्री ने चर्चा की। बांसवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


बांसवाड़ा। आचार्य कनकनंदीजी की वेबिनार में शनिवार को अपराह्न 51 भक्त जुड़े। आचार्य श्री ने सम्यक दर्शन पर विज्ञान आधारित प्रवचन दिए। तीन लोक में सार वीतराग, विज्ञानता आधारित छहढाला ग्रंथ पर आचार्य श्री ने चर्चा की। आचार्य श्री रचित पुस्तक ‘वर्तमान की आवश्यकता धार्मिक उदारता न की कट्टरता’ सभी से पढ़ने आग्रह किया गया। वेबिनार में अजीत कोठिया डडूका ने गुरु वंदना काव्य पाठ किया। जिसकी आचार्य श्री ने सराहना की। निशा जैन ने भी काव्य पाठ किया।

सांगली की आनंदी जैन की तर्क आधारित जिज्ञासाओं का आचार्य श्री ने समाधान किया। वेबिनार में मुनि श्रीसुदत्त सागर महाराज, मुनि श्री अध्यात्म नंदी, माताजी सुवत्सलमति जी, महावीर मारवाड़ा, आनल शाह, गुणमाला जैन, वीणा जैन, पंडित सुरुचि जैन, कीर्ति जैन, लक्ष्मीनारायण चित्तौड़ा, विजय लक्ष्मी गोदावत रैना जैन, जनिता जैन, आशा शाह, कविता बाकलीवाल हर्षलता जैन, कैलाश जैन ओबरी, जनिता जैन निर्मला खोड़निया, ललित कोठारी चावंड सहित कई भक्तों ने हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है आचार्य श्री का 2025 का वर्षा योग भिलुड़ा के निकट जंगल में स्थित शिव गौरी आश्रम में होना तय हुआ है। जहां 9 जुलाई की रात्रि 7.30बजे उनके चातुर्मास के लिए मंगल कलश स्थापना होगी।

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