रंगपंचमी पर पावागिरी ऊन में इस वर्ष भी आध्यात्मिक रंगों की बारिश हुई। यहां 1008 रत्नमय प्रतिमाएं विराजित हुईं। महामस्तकाभिषेक किया गया। धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। रंगपंचमी पर पावागिरी ऊन में इस वर्ष भी आध्यात्मिक रंगों की बारिश हुई। यहां 1008 रत्नमय प्रतिमाएं विराजित हुईं। महामस्तकाभिषेक किया गया।
प्रचार मंत्री आशीष जैन और कार्यक्रम संचालक एवं ट्रस्टी मनीष दोषी ने बताया कि रविवार को सुबह नित्य अभिषेक, पूजन, शांतिधारा के बाद सहस्त्र कूट जिनालय में प्रतिमाएं विराजमान करना प्रारंभ हुआ। आचार्य कुमुदनंदी जी, आचार्य विप्रणत सागर जी एवं अरिहंत कीर्ति भट्ठारक पट्टाचार्य महास्वामी के सानिध्य में दोपहर में धर्मसभा में दीप प्रज्वलन सुधा महेंद्र जैन सनावद ने किया। मंगलाचरण श्रद्धा अरुण धनोते ने प्रस्तुत किया। आचार्य संघ का पाद प्रक्षालन चिमन तिलोकचंद खंडवा ने किया जबकि, शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पंकज कुमार कुसुमचंद जटाले बेड़ियां द्वारा 2 साधुओं को एवं मीना नीता जैन सेगाव ने प्राप्त किया। इस अवसर पर पावागिरी ऊन में निवासरत साधु संतों की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाली एवं दान द्वारा सहयोग प्रदान करने वाली बाल ब्रह्मचारिणी ऊषा दीदी ऊन का ट्रस्ट कमेटी की ओर से सम्मान किया गया।
पहाड़ी मंदिर पर श्रीजी का मस्तकाभिषेक हुआ
ट्रस्ट महामंत्री अशोक झांझरी ने अध्यक्षीय उद्बोबधन में क्षेत्र की प्रगति के बारे में विस्तार से बात रखी जबकि, शांतिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य अविनाश जैन सनावद, द्वितीय अभिषेक हेड साहब परिवार एवं प्रवीण कुमार प्रेमचंद खंडवा को प्राप्त हुआ जबकि, शिखर पर ध्वजारोहण करने का सौभाग्य अशोक झंझरी, ब्रह्मचारी ऊषा दीदी ऊन, हेमचंद झंझरी ने प्राप्त किया। आचार्य संघ ने अपने उद्बोधन में क्षेत्र के बारे में भजन के माध्यम से अपनी बात रखी। आप बड़े सौभाग्यशाली है कि रंग पंचमी पर आप सभी पंच परमेष्ठि के पांच रंगों में रंगे हुए हैं, आपको धर्म करने का मौका मिला है। विशाल श्रीजी की शोभायात्रा तलहटी मंदिर से पंच पहाड़ी तक बैंडबाजों के साथ भजन गाते हुए निकली। पालकी में भगवान विराजमान कर शोभायात्रा के बाद पहाड़ी मंदिर पर श्रीजी का मस्तकाभिषेक हुआ।
यह समाज जन मौजूद रहे
ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष हेमचंद झंझरी , हसमुख गांधी, सुधीर चौधरी, अरूण धनोते, संजय बडुद, कमलेश मंडलोई, सुनील भाई ठेकेदार ,विनोद जैन ,चिंतामन जैन, मनीष जैन, गुलाबराव मंडलोई, अतुल कासलीवाल आदि का योगदान सराहनीय रहा। विद्युत रोशनी से सभी मंदिरों को पहाड़ी पर सुंदर सजावट की गई थी। मालवा और निमाड़ क्षेत्र सहित दूर-दूर से श्रद्धालु कार्यक्रम उपस्थित हुए। भोजन की व्यवस्था भी दान दातार के सहयोग से अच्छी थी कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी समाजजन की उपस्थिति ही बता रही थी।













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