हरियाली तीज महोत्सव की परंपरा को न केवल सांस्कृतिक रूप से बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता के साथ भी मनाने का बीड़ा महिला दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने उठाया है। जैन बगीची परिसर में हुई बैठक में समूह की सदस्यों ने महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। हरियाली तीज महोत्सव की परंपरा को न केवल सांस्कृतिक रूप से बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता के साथ भी मनाने का बीड़ा महिला दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने उठाया है। जैन बगीची परिसर में हुई बैठक में समूह की सदस्यों ने महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस बार हरियाली तीज महोत्सव को सिर्फ पारंपरिक न मानकर उसे समाज को जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जगाने का माध्यम बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत जैन बगीची परिसर में झूले सजाए जाएंगे, पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं गीत-संगीत प्रस्तुत करेंगी और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्याओं ने पौधरोपण किया और यह संकल्प लिया कि प्रत्येक सदस्य कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेगी और उसकी नियमित देखभाल करेगी। यह अभियान ‘एक सदस्य-एक पौधा’ की थीम पर आधारित रहेगा।
लोक गायन झूला उत्सव और अन्य गतिविधियां होंगी
महिला ग्रुप की वरिष्ठ सदस्य रजनी जैन ने कहा कि प्रकृति हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का हिस्सा है। तीज पर्व का गहरा संबंध हरियाली से है, इसलिए इसे सिर्फ रस्म तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हमें इसे भावनात्मक और सामाजिक आंदोलन में बदलना होगा। ग्रुप की मालती जैन ने बताया कि इस बार तीज महोत्सव में झूला उत्सव, लोकगीत गायन, रंगोली प्रतियोगिता, मेंहदी प्रतियोगिता, एवं पारंपरिक पहनावे की प्रतियोगिता जैसी विविध गतिविधियां की जाएंगी। इसके साथ ही सभी महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले स्लोगन के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में महिलाएं पारंपरिक परिधान में पहुंचेंगी
बैठक में उपस्थित महिला सदस्यों ने यह भी तय किया कि आने वाले वर्षों में हरियाली तीज को एक स्थायी सामूहिक परंपरा के रूप में मनाया जाएगा। जहां समाज की अन्य महिलाओं और युवतियों को भी जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से जैन समाज की महिलाएं सामाजिक सरोकारों में अपनी भागीदारी और नेतृत्व दोनों को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेंगी। ग्रुप की मृदुला जैन ने बताया कि हमारा उद्देश्य सिर्फ पर्व मनाना नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक चेतना और प्रकृति के संरक्षण से जोड़ना है। इसी सोच को लेकर यह कार्यक्रम विशेष बनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी सदस्याओं ने शपथ ली कि वे पौधों के संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाएंगी और लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करेंगी। कार्यक्रम में महिलाएं पारंपरिक परिधान में पहुंचेंगी और पारंपरिक गीतों पर झूला उत्सव मनाया जाएगा। जिससे माहौल पूरी तरह तीजमय हो जाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से रजनी जैन, मालती जैन, मृदुला जैन, सरस जैन, संध्या जैन, पूनम जैन, रश्मी जैन, रीता जैन, बबिता जैन, संगीता जैन मौजूद रहीं।













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