आचार्य सुनील सागर जी महाराज के किशनगढ़ में ऐतिहासिक भव्य मंगल प्रवेश पर एक मार्मिक एवं सामाजिक संदेश,उन लोगों के लिए जो बिना काम के भी व्यस्त हैं। जिसके पास इस दुनिया के सारे वैभव है ।जैन गौरव अशोक पाटनी गुरुओं के साथ पैदल चलने में खुश है और गुरु भक्ति में मस्त है। पढि़ए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट ……
किशनगढ़ ।आचार्य सुनील सागर जी महाराज के किशनगढ़ में ऐतिहासिक भव्य मंगल प्रवेश पर एक मार्मिक एवं सामाजिक संदेश,उन लोगों के लिए जो बिना काम के भी व्यस्त हैं। जिसके पास इस दुनिया के सारे वैभव है ।जैन गौरव अशोक पाटनी गुरुओं के साथ पैदल चलने में खुश है और गुरु भक्ति में मस्त है।एक बात जो हमें सीखनी चाहिए।जिस नगर का राजा या सेठ स्वयं नंगे पैर कमंडल पकड़कर 5 किलोमीटर का मंगल विहार साधुओं को करवाता हो तो उस नगर की जनता घरों में कैसे बैठ सकती है।
तब जनता भी अपने घरों से बाहर निकल पड़ती है और अपना योगदान देती है । एक बड़े व्यक्तित्व से ही साधारण लोग सीखते हैं और इन्हें देखकर निखरते भी है और वैसा ही आचरण करने की कोशिश भी करते हैं । सर्वोच्च लोग ही समाज को मार्गदर्शन दे सकते हैं। युवा पीढ़ी को आगे बढ़ा सकते हैं। नमोस्तु शासन जयवंत हो।













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