समाचार

भगवान की महाआरती के साथ हुआ प्रवचन कार्यक्रम : पर्युषण पर्व के चौथे दिवस जैन मंदिरों में की गई शौच धर्म की आराधना


पर्युषण पर्व के तहत चौथे दिवस जैन मंदिरों में शौच धर्म की आराधना की गई। इस दौरान लोगों ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित विशेष प्रवचन में हिस्सा लिया। इससे पहले मंदिर में विशेष पूजा अर्चना भी हुई। पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट…


अंबाह। पर्युषण पर्व के तहत चौथे दिवस जैन मंदिरों में शौच धर्म की आराधना की गई। इस दौरान लोगों ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित विशेष प्रवचन में हिस्सा लिया। इससे पहले मंदिर में विशेष पूजा अर्चना भी हुई। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन एडवोकेट ने बताया कि हमारे मन में, हमारे वचन में, हमारी काया में आज इतनी अपवित्रता आ गई है कि उसे पवित्र करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आत्मा में निर्मल होने की शक्ति है पर जब उसे गंदा करने का प्रयत्न चल रहा है तो वह निर्मल कैसे हो सकेगी ? उत्तम शौच धर्म हमें उसी शुचिता की ओर ध्यान दिलाता है।

लोभ का अभाव ही पवित्रता है, शुचिता है।लोभ कषाई को पाप का बाप माना है, क्योंकि प्रत्येक दुराचार- अनाचार की तह में लोभ निहित होता है। लालच, तृष्णा, लालसा ,चाह आदि लोभ के ही नाम है। उन्होंने कहा इस दस लक्षण पर्व में जो हम पालन करते हैं, जो हम सीखते हैं, उस सात्विकता को हम अपने जीवन में कैसे ला सकते हैं। इस पर भी सभी लोगों को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहर से पधारे विद्वानों के मार्गदर्शन में उनकी ज्ञानवाणी से हम सभी को एक नई दिशा और नई रोशनी मिलेगी। इस दौरान मंदिर की में भगवान की महा आरती कर प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया गया

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page