आचार्य श्री वर्धमान सागर जी अतिशय क्षेत्र बही पार्श्वनाथ में संघ सहित विराजित हैं। 16 से 20 अप्रैल तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्य संघ सानिध्य में होना है। 20 अप्रैल को दो भव्य जनेश्वरी दीक्षा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सिद्ध हस्त कर कमलों से प्रदान करेंगे। जयपुर से राजेश पंचोलिया की यह खबर…
जयपुर। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी अतिशय क्षेत्र बही पार्श्वनाथ में संघ सहित विराजित हैं। 16 से 20 अप्रैल तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्य संघ सानिध्य में होना है। 20 अप्रैल को दो भव्य जनेश्वरी दीक्षा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सिद्ध हस्त कर कमलों से प्रदान करेंगे। 7 व्रत प्रतिमा धारी 62 वर्षीय राजेश भैया का जन्म 13 सितंबर 1963 को नागौर जिले में हुआ। वर्ष 2023 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से 2 व्रत प्रतिमा ली। वर्ष 2024 में 7 व्रत प्रतिमा के नियम अंगीकार किए।
पिता गुलाबचंद एवं माता सजनी देवीप्रतिमा धारी थी और अंत समय में उन्होंने क्षुल्लिका दीक्षा लेकर समाधि मरण प्राप्त किया। दीक्षार्थी सुरेश शाह जयपुर का सामान्य परिचय सन 1950 में जन्मे सुरेश शाह जयपुर 20 अप्रैल 2025 को आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के कर कमलों से मंदसौर में दीक्षा लेंगे। कपूरी देवी रतनलाल के पुत्र दीक्षार्थी सुरेशचंद शाह, मालवीय नगर, जयपुर (मुनि 108 श्री हितेंद्र सागरजी महाराज के गृहस्थ अवस्था के पिता श्री हैं।













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